अनिल अंबानी की रिलायंस नेवल और इंजीनियरिंग खरीदने के लिए दिलचस्प है यह रूसी कम्पनी

अनिल अंबानी की रिलायंस नेवल और इंजीनियरिंग खरीदने के लिए दिलचस्प है यह रूसी कम्पनी

अनिल अंबानी की रिलायंस नेवल और इंजीनियरिंग खरीदने के लिए दिलचस्प है रूस की यूनाइटेड शिपबिल्डिंग कम्पनी।

 जहां ज्यादातर शिपबिल्डिंग कंपनियां अनिल अंबानी की रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (RNaval) को खरीदने से पीछे हट रही हैं,  क्योंकि इस कम्पनी को इसके कर्ज का भुगतान करने के लिए बेचा जा रहा है, वहीं रूस के सरकारी स्वामित्व वाला यूनाइटेड शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन (USC)इस कंपनी में दिलचस्पी रखता है।

पिछले महीने एक मीडिया रिपोर्ट  के मुताबिक यूएससी ने बोली प्रक्रिया से खुदको बाहर कर लिया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत में रूसी दूतावास ने गुरुवार को स्पष्ट किया: "यूएससी ने आधिकारिक तौर पर निविदा में भाग लेने से इनकार करने का कोई संकेत नहीं दिया है।"

आरनेवल लगभग 10,000 करोड़ रुपये तक के कर्ज की वसूली के लिए इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत काम कर रहा है। यूएससी के अलावा, दो बड़ी भारतीय कंपनियां – चौगुले और एपीएम टर्मिनल्स मैनेजमेंट बीवी – कई परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों के साथ मैदान में थी।  गुजरात में पिपावाव शिपयार्ड उनकी प्राथमिक संपत्ति है।

रूसी दूतावास का कहना है कि, कोविड-19 महामारी के कारण, यूएससी को पिपावाव शिपयार्ड का मूल्यांकन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।यूएससी के विशेषज्ञों द्वारा ऋणी ट्रस्टी द्वारा प्रदान किए गए दस्तावेजों के अध्ययन और आरनेवल की संपत्ति की क्षेत्र समीक्षा के बाद बोली प्रक्रिया में आगे की भागीदारी पर यूएससी को अपने रुख को अंतिम रूप देने की उम्मीद है"।

यूएससी द्वारा, आर नेवल खरीदने के लिए दिलचस्पी लेने की एक मात्र वज़ह वह प्रोजेक्ट 75I है जिसमें प्रतिस्पर्धा करने के लिए भारतीय नौसेना की परियोजना भारत में छह पनडुब्बियों का निर्माण  किया जा सके, जो कि एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) द्वारा संचालित होगी।

 पिपावाव शिपयार्ड का स्वामित्व यूएससी को छह पनडुब्बियों का निर्माण करने की अनुमति देगा और यह  दावा है कि यह "मेक इन इंडिया" मानदंडों को पूरा कर सकता है।

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