भारतीय व्यापार गतिविधियों में, साल की सबसे बड़ी गिरावट : नोमुरा

A daily labourer wearing a facemask waits near rickshaws for trucks to come for food commodities at a wholesale market during a 21-day government-imposed nationwide lockdown as a preventive measure against the COVID-19 coronavirus in Kolkata on March 26, 2020. (Photo by Dibyangshu SARKAR / AFP) (Photo by DIBYANGSHU SARKAR/AFP via Getty Images)
A daily labourer wearing a facemask waits near rickshaws for trucks to come for food commodities at a wholesale market during a 21-day government-imposed nationwide lockdown as a preventive measure against the COVID-19 coronavirus in Kolkata on March 26, 2020. (Photo by Dibyangshu SARKAR / AFP) (Photo by DIBYANGSHU SARKAR/AFP via Getty Images)

जापानी एजेंसी ने टीकाकरण की दर में आई गिरावट को भी एक वजह माना। 

कोरोना के संकट से जूझ रहे देश और उसकी अर्थव्यवस्था को एक और निराशजनक आंकड़ा प्राप्त हुआ है। जापानी एजेंसी, नोमुरा की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते भारतीय व्यापार गतिविधियों में साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप देश की जनता, हर स्तर पर झेल रही है। नोमुरा की यह रिपोर्ट, आर्थिक मोर्चे पर कोरोना के दंश का सबूत है। हालांकि, नोमुरा ने उम्मीद जताई है कि इसका असर केवल अप्रैल जून की तिमाही तक ही सीमित रहेगा। 

नोमुरा के अनुसार, इंडिया बिज़नेस रिजम्पशन इंडेक्स में 8.5 प्रतिशत अंकों की गिरावट देखने को मिली। 25 अप्रैल को समाप्त हुए हफ्ते के अंत मे, इंडेक्स 75.9 प्रतिशत अंकों पर बंद हुआ। मंगलवार को फर्म ने रिपोर्ट में बताया की यह आंकड़ा बीते वर्ष अगस्त के बाद सबसे कम है। इंडेक्स का यह स्तर, कोरोना महामारी से पहले की तुलना में 24 प्रतिशत कम है। 

व्यापार गतिविधियों में इस हफ्ते आयी कमी के मुख्य कारणों में आवागमन में मुश्किलें और वैक्सीनेशन दर में आई कमी आदि शामिल हैं। ध्यान रहे, कोरोना संक्रमण को काबू करने के लिए अलग अलग राज्यों में अलग अलग तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। इस कारण आवागमन में दिक्कत आ रही है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही वैक्सीनेशन दर में आयी कमी के कारण, बाजार में नकारात्मक सन्देश गया है। पिछले हफ्ते, भारत में वैक्सीनेशन दर 3.2 मिलियन प्रतिदिन था। यह आंकड़ा अब घटकर 2.6 मिलियन प्रतिदिन हो गया है। इससे बाजार में चिंता की लकीरें खींच गयी है। हालांकि 1 मई से वैक्सीनेशन अभियान तीसरे चरण में पहुंच जाएगा। उसके बाद वैक्सीनेशन दर में तेज़ी से बढ़ोतरी की संभावना है।

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