Asaram Bapu: राजस्थान हाई कोर्ट ने की अंतरिम जमानत खारिज; 2018 में नाबालिग से रेप के जुर्म में मिली थी उम्र कैद

JODHPUR, INDIA - NOVEMBER 18: Asaram Bapu, Hindu preacher gestures to media persons as he returns after being produced at session court in connection with the case of sexual assault of a minor on November 18, 2013 in Jodhpur, India. Court dismissed as withdrawn the petitions moved by controversial self-styled godman Asaram. (Photo by Ramji Vyas/Hindustan Times via Getty Images)
JODHPUR, INDIA - NOVEMBER 18: Asaram Bapu, Hindu preacher gestures to media persons as he returns after being produced at session court in connection with the case of sexual assault of a minor on November 18, 2013 in Jodhpur, India. Court dismissed as withdrawn the petitions moved by controversial self-styled godman Asaram. (Photo by Ramji Vyas/Hindustan Times via Getty Images)

आसाराम बापू(Asaram Bapu) के अंतरिम जमानत की अर्जी को राजस्थान हाईकोर्ट(Rajasthan High Court) ने फिर से खारिज कर दिया है। कोर्ट ने समर्थकों की भीड़ उमड़ने को महामारी में खतरा बताते हुए यह फैसला सुनाया है। आसाराम बापू 2018 से जेल में बंद हैं। उन्हें नाबालिग से रेप करने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

आसाराम बापू(Asaram Bapu) कोरोना(Covid-19) से संक्रमित हैं। पिछले कई दिनों से आसाराम बापू(Asaram Bapu) दिल्ली के एम्स अस्पताल (Delhi AIIMS) में भर्ती हैं। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए आसाराम बापू(Asaram Bapu) ने राजस्थान हाईकोर्ट(Rajasthan High Court) से अंतरिम जमानत की दरख्वास्त की थी। राजस्थान हाईकोर्ट(Rajasthan High Court) ने अंतरिम जमानत की उनकी दरखास्त को खारिज कर दिया है। दिल्ली एम्स(Delhi AIIMS) ने भी कहा है कि उनके पूरे टाइम की समय सीमा समाप्त हो गई है, अब वे अस्पताल से जा सकते हैं। ANI ने ट्वीट करके यह जानकारी दी।

कोर्ट ने यह कहकर अर्जी खारिज को किया, कि,जब भी उन्हें जेल से बाहर निकाला जाता है, चाहे वह अदालत की सुनवाई के लिए या किसी भी कारण से, तब उनके समर्थक भीड़ इकट्ठा कर देते हैं और मुश्किलें बढ़ा देते हैं। इस समय की परिस्थिति में भीड़ के इकट्ठा होने से महामारी के बढ़ने का खतरा है। अभी उनके उस मामले की भी जांच चल रही है, जिसमें उनके समर्थकों ने जेल में उनका पोस्टर लगाकर कंबल वितरण किया था।

जोधपुर के सेंट्रल जेल में वह कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। उसी दौरान उन्होंने कोर्ट में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की अर्जी दी थी। जब उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, तब 5 मई को एम्स में भर्ती किया गया। हालांकि जैसे ही उनके समर्थकों को इस बात का पता चला, वे अस्पताल पहुंच गए और अंदर जाने के लिए हंगामा खड़ा करने लगे। पुलिस ने दो महिला समर्थकों को गिरफ्तार भी किया है।

अब, जबकि कोर्ट ने अंतरिम जमानत खारिज कर दी है, तब उनके समर्थक उन्हें जोधपुर के आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी में शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। आपको बता दें, कि 2018 में आसाराम बापू(Asaram Bapu) को एक नाबालिग के साथ रेप करने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। तब यह घटना 5 साल पहले राजस्थान के उनके एक आश्रम में घटी थी। उस वक्त, भारत और विदेश में इनके लगभग 400 आश्रम खुले हुए थे।

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