5G Technology: जानिए इसकी स्पीड, फायदे और नुकसान के बारे में

5G Technology: जानिए इसकी स्पीड, फायदे और नुकसान के बारे में

वर्तमान समय में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जो इंटरनेट का इस्तेमाल ना करता हो. आपको बता दें, कि भारत की 80 फीसदी जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में बसती है. वहीं अब भारत में पहले के मुकाबले अब गांव में रहने वाले लोग भी इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे हैं. सरकार ने भी इस मुहिम को डिजिटल इंडिया का नाम दिया है. सरकारी दफ्तरों में भी सभी प्रकार के कार्य अब डिजिटल रूप में यानि कि इंटरनेट की सहायता से किए जा रहे हैं. वर्तमान समय में हम 4G तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, और अब आगे हम धीरे-धीरे 5G तकनीक के ओर अग्रसर हो रहे हैं. 

5G सेलुलर नेटवर्क की पांचवीं पीढ़ी है. जो 4G से 100 गुना तेज, 5G लोगों और व्यवसायों के लिए पहले कभी न देखे गए अवसर पैदा कर रहा है. तेज कनेक्टिविटी गति, अल्ट्रा-लो लेटेंसी और अधिक बैंडविड्थ, समाज को आगे बढ़ा रहे हैं साथ ही उद्योगों में परिवर्तन ला रहे हैं. ई-स्वास्थ्य, कनेक्टेड वाहन और ट्रैफिक सिस्टम और उन्नत मोबाइल क्लाउड गेमिंग जैसी सेवाओं को हम भविष्य के रूप में देखते हैं. वहीं, 5G तकनीक के साथ, हम एक स्मार्ट, सुरक्षित और अधिक टिकाऊ भविष्य बनाने में मदद कर सकते हैं. 

नामविवरण
लॉन्च सन 2020
भारत में लॉन्च सन 2021 (दूसरी छमाही से)
स्पीड20 gb प्रति सेकंड
इंटरनेट स्पीड1 gb फाइल डाउनलोड प्रति सेकंड
बैंडविड्थ3500 मेगाहर्ट्ज

भारत में लॉन्च की तारीख

दुनिया के 10वें सबसे अमीर आदमी Mukesh Ambani ने 5G तकनीक पर अपडेट देते हुए कहा है, कि इसे हमारे भारत देश में 2021 के दूसरी छमाही में ग्राहकों की सेवा के लिए 5 जी नेटवर्क को लांच कर दिया जाएगा.  इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, हमारे देश में इससे जुड़े हुए सभी प्रकार के नवीन बदलाव एवं इससे जुड़ी हुई प्रक्रियाओं को एक बूस्ट प्रदान करने की आवश्यकता है. अंबानी ने कहा कि, यह तकनीक सभी वर्गों के हाथों तक पहुंचे. इसके लिए इसे आसान, सुलभ एवं सस्ता करने की बेहद आवश्यकता होगी. इसलिए इसे जल्द से जल्द लॉन्च किया जायेगा.

जानिए 5G नेटवर्क टेक्नोलॉजी के फायदे

5G तकनीक सुपर हाई स्पीड इंटरनेट की कनेक्टिविटी प्रदान करने के साथ-साथ यह कई महत्वपूर्ण स्थानों में उपयोग में लाया जाएगा. इस टेक्नोलॉजी आने से कनेक्टिविटी मे और भी ज्यादा विकास एवं शुद्धता प्राप्त होगी. 

5G के तकनीक की वजह से ड्राइवरलेस कार, हेल्थ केयर, वर्चुअल रियलिटी, क्लाउड गेमिंग के क्षेत्र में नए-नए विकासशील रास्ते खुलते चले जाएंगे. Qualcomm के अनुसार, अभी तक 5G की तकनीक ने करीब 13.1 ट्रिलियन डॉलर ग्लोबल इकोनामी को आउटपुट प्रदान कर दिया है. इसकी वजह से दुनिया भर में करीब 22.8 मिलियन के नए जॉब अवसर विकसित हो रहे हैं. 

जानिए 5G नेटवर्क टेक्नोलॉजी के नुकसान 

तकनीकी शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों के अनुसार एक शोध में पाया गया, कि 5G तकनीक की तरंगे दीवारों को भेदने में पूरी तरीके से असक्षम होती हैं. इसी कारण इसकी रेंज बहुत दूर तक नहीं जा सकती. जिस कारण इसके नेटवर्क में कमजोरी पाई गई. 

कई साधारण लोगों का मानना है, कि 5G तकनीक में जिन किरणों का उपयोग किया जा रहा है, उनका परिणाम काफी घातक सिद्ध हो रहा है. उसी का घातक परिणाम कोरोना वायरस है, परंतु अभी तक इस विषय में कोई साक्ष्य प्राप्ति नहीं हो सकी है. 

5G नेटवर्क स्पेक्ट्रम बैंड

आपको बता दें, कि 5G की नई तकनीक में Millimeter-Wave स्पेक्ट्रम अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसका सर्वप्रथम विचार वर्ष 1995 में सबसे पहले जगदीश चंद्र बोस जी ने प्रस्तुत किया था. उन्होंने बताया था, कि इन वेब का इस्तेमाल करके हम संचार को बेहतर बना सकते हैं. इस प्रकार की तरंगे करीब 30 से लेकर 300 गीगाहर्टज फ्रीक्वेंसी पर काम कर सकती हैं. 

जगदीश चंद्र बोस ने कहा, कि ऐसी तरंगों का इस्तेमाल हम सैटेलाइट और रडार सिस्टम के अंदर भी इस्तेमाल करते हैं. 5G नेटवर्क की नई तकनीक करीब 3400 मेगाहर्ट्ज, 3500 मेगाहर्ट्ज और यहां तक कि 3600 मेगाहर्ट्ज बैंड्स पर काम कर सकती हैं. 

जानिए 5G टेक्नोलॉजी की विशेषता के बारे में 

5G तकनीक की स्पीड करीब एक सेकंड में 20gb के आधार पर इसके उपभोक्ताओं को प्राप्त होगी.  इस तकनीक के आ जाने से टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए सभी कार्यों में तेजी से विकास होगा. आपको बता दें कि, अभी हम वर्तमान समय में 4G तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस तकनीक का इस्तेमाल करके हम 1 सेकेंड में करीब 1GB की फाइल को डाउनलोड करने की क्षमता रखते हैं. वही 5G की तकनीक में हमें 1 सेकेंड के अंदर करीब 10GB या इससे ऊपर की डाउनलोडिंग क्षमता वाली गति प्राप्त होगी. 

नेटवर्क का कोरोना कनेक्शन

बता दें, कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लोगों ने कहा है, कि 5G तकनीक के टेस्टिंग के वजह से ही कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. लोग कोरोना वायरस के उत्पत्ति का भी कारण 5G तकनीकी को मान रहे हैं.    

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी के डब्ल्यूएचओ ने एक आधिकारिक जानकारी लोगों के साथ साझा की है. उन्होंने कहा है, कि कोरोना वायरस का संक्रमण मोबाइल फोन नेटवर्क या फिर किसी अन्य रेडियो तरंगों के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं जा सकता है. साथ ही डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा है कि, करोना वायरस का संक्रमण उन देशों में भी है, जहां पर अभी 5G की नेटवर्क टेस्टिंग तक नहीं की गई है. उन देशों में अभी तक 5G का मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया गया है. इसलिए 5G का कोरोना से कोई संबंध नहीं है.

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