Russia Ukraine Crisis: यूक्रेन का आरोप, रूस ने ख़ुद ही किया सीज़ फ़ायर का उल्लंघन

Russia Ukraine Crisis: यूक्रेन का आरोप, रूस ने ख़ुद ही किया सीज़ फ़ायर का उल्लंघन

Russia Ukraine Crisis एक नया मोड़ लेती नजर आ रही है. जंग शुरू होने के 10 दिनों के बाद, रूस ने युद्ध विराम का ऐलान कर दिया था. उसकी तरफ से यह ऐलान, वहां फंसे भारतीय नागरिकों को बाहर निकालने के लिए किया गया था. लेकिन यूक्रेन ने रूस पर आरोप लगाते हुए कहा है, कि “रूस ने नियमों का उल्लंघन किया है. खुद ही युद्धविराम लगाकर, रूस की तरफ से उनकी जनता पर दोबारा से हमला बोला गया है".

रूस की तरफ से लगाया गया युद्ध विराम मुख्य रूप से मारियोपोल शहर के लिए लगाया गया है.

लेकिन मारियुपोल में, नगर परिषद ने कहा कि रूस युद्ध विराम का पालन नहीं कर रहा है और निवासियों को आश्रयों में लौटने और निकासी के बारे में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा करने के लिए कह रहा है. इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रूस के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के "राष्ट्रवादियों" पर नागरिकों को जाने से रोकने का आरोप लगाया.

Russia Ukraine Crisis में यूक्रेनी सरकार ने कहा, कि योजना मारियुपोल से लगभग 200,000 लोगों और वोल्नोवाखा से 15,000 लोगों को निकालने की थी, और रेड क्रॉस युद्धविराम का गारंटर है. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Igor Konashenkov ने कहा, कि रूसी सेना सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमले कर रही थी और अलगाववादियों के कब्जे वाले डोनेट्स्क की सेना मारियुपोल की घेराबंदी कर रही थी. ठंड की स्थिति में महिलाएं और छोटे बच्चे दक्षिण पूर्वी पोलैंड में मेड्यका चेकपॉइंट पर पहुंचे. दूसरा रास्ता पार करने वाले एक व्यक्ति ने भीड़ पर चिल्लाया कि पुरुषों को यूक्रेन लौट जाना चाहिए और लड़ना चाहिए.

वहीं, दूसरी तरफ भारतीय नागरिकों को यह सख्त हिदायत दी गई थी कि उन्हें यूक्रेन छोड़ने के लिए पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए. उनको यह भी बताया गया था उनके लिए जो दो मानव गलियारे बनाए जा रहे हैं उनका नाम, खारकीव नोवोखोटिकवा और सूमी सुझा है. रूस की सेना के तरफ से यह घोषणा हुई थी की इस रास्ते पर युद्ध विराम के दौरान कोई बम बारी या हमला नहीं होगा.

भारतीय रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, अभी भी 1800 भारतीय छात्र ऐसे हैं जो युक्रेन की सीमाओं पर फंसे हुए हैं. सरकार इन छात्रों को जल्द से जल्द भारत लाने का काम कर रही है.

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