Russia Ukraine Crisis: यूक्रेन में रूसी एयर स्ट्राइक, ज़ेलेंस्की ने की प्रतिबंधों को कड़ा करने की मांग

Russia Ukraine Crisis: यूक्रेन में रूसी एयर स्ट्राइक, ज़ेलेंस्की ने की प्रतिबंधों को कड़ा करने की मांग

Russia Ukraine Crisis हर दिन दिल दहलाने वाला मोड़ लेता जा रहा है. हाल ही में खबर आई है, कि रूस की तरफ से हुए एयर स्ट्राइक में यूक्रेन के मारियोपोल के एक अस्पताल को बुरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है. दिल दहलाने वाली बात यह है, कि यह आम अस्पताल नहीं बल्कि एक प्रसूति गृह था. इस एयर स्ट्राइक में लगभग 17 लोगों के घायल होने की खबर आई है. यूक्रेन की तरफ से साझा की गई जानकारी के मुताबिक अस्पताल पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है और इसमें अब तक 17 लोग बुरी तरह से जख्मी हो चुके हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky ने ट्विटर पर अस्पताल के मलबे का एक वीडियो साझा किया, उन्होंने हमले को 'एक अत्याचार' बताया.

राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky ने अपने ट्विटर पर इस वीडियो के साथ एक पोस्ट भी साझा किया है. इस पोस्ट में वह साफ तौर पर यूरोपीय देशों से प्रतिबंधों को कड़ा करने की अपील कर रहे हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, कि "एक प्रसूति अस्पताल पर बम गिराना - यह अंतिम प्रमाण है कि जो हो रहा है वह यूक्रेनियन लोगों का नरसंहार है. यूरोपीय देश अब यह नहीं कह सकते, कि उन्होंने कुछ देखा नहीं है. आपको प्रतिबंधों को तब तक कड़ा करना होगा जब तक रूस युद्ध से पीछे नहीं हट जाता".

इसी के साथ खबर आई है, कि भारत के तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले का रहने वाला 21 वर्षीय Sainikesh Ravichandran, Russia Ukraine Crisis में रूस के खिलाफ लड़ने के लिए यूक्रेन में अर्धसैनिक बलों में शामिल हो गया है. इस खबर के बाद जब आधिकारी उनके घर पूछताछ करने के लिए गए, तो उसके माता-पिता ने बताया कि उन्होंने दो बार भारतीय सेना में शामिल होने की अर्जी दी थी, लेकिन दोनों बार ही उनकी अर्जी को कम शारीरिक लंबाई की वजह से खारिज कर दिया गया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि वर्ष 2018 में Sainikesh Ravichandran खार्किव में नेशनल एयरोस्पेस यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए यूक्रेन गए थे. उनको जुलाई 2022 तक कोर्स पूरा करना था. यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच उसके परिवार का Sainikesh Ravichandran से संपर्क टूट गया था.

भारत द्वारा चलाए गए Operation Ganga में एक बार फिर कुडला में जन्मे कैप्टन माइकल सल्दान्हा ने एक बार फिर भारत से सबसे कठिन मिशनों में से एक के लिए उड़ान भरी है. उनको 13 वर्ष से ज्यादा का अनुभव है. इसी वजह से उनको यह काम सौंपा गया है. दरअसल वे यूक्रेन के बुखारेस्ट, बुडापेस्ट से भारतीय छात्रों को वापस ला रहें है. यह युक्रेन का वह इलाका है जो बर्फीली पहाड़ी से घिरा है. और ऐसी परिस्थितियों में विमान चलाना एक चुनौती है.

Related Stories

No stories found.