Parliament Session Updates: सांसदों ने यूक्रेन से लौटे छात्रों को लेकर केंद्र से की यह मांग

Parliament Session Updates: सांसदों ने यूक्रेन से लौटे छात्रों को लेकर केंद्र से की यह मांग

सोमवार को Parliament सत्र के दौरान सांसदों ने यूक्रेन से लौटे मेडिकल के छात्रों के लिए, कंद्र सरकार से एक विषेश मांग की है. उन्होंने केंद्र सरकार से इन छात्रों को मुफ़्त शिक्षा ऋण देने की मांग की है. इसके साथ ही सांसदों ने यह मांग भी रखी है, कि सरकार इन छात्रों को शिक्षा ऋण मुहैया करवाने में ज़्यादा से ज़्यादा मदद प्रदान करे.

कांग्रेस सदस्य राजमोहन उन्नीथन ने Parliament के शून्य काल सत्र में यह दावा किया है, कि केरल के हज़ारों छात्र अब भी यूक्रेन के सूमी में फंसे हुए हैं. वहीं उन्होंने केंद्र सरकार से यह मांग भी की है कि वह उन छात्रों को सुरक्षित वापिस लाने के लिए तत्काल कदम उठाए.

कोंग्रेस सदस्य अब्दुल खालेक ने Parliament में यह कहा है, कि "केंद्र सरकार ने भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकालने में काफी देरी की है. जब युद्ध शुरू होने की आशंका थी, तब ही भारत सरकार को कोई कदम उठाना चाहिए था." इसके साथ ही, कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निल सुरेश ने कहा है, कि सरकार को यूक्रेन से लौटे छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के लिए, उनका शिक्षा ऋण माफ कर देना चाहिए.

दूसरी ओर, सांसदों की इन मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की तरफ से यह आश्वासन दिया गया है, कि सरकार यूक्रेन से लौटे छात्रों की पढ़ाई पूरी कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगी. शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने विपक्षी सांसदों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, कि "जब हम उन्हें लाए हैं, तो आप आश्वस्त रह सकते हैं, कि सरकार भविष्य में उन्हें डॉक्टर बनने में सक्षम बनाने के लिए जो भी आवश्यक हो, वो व्यवस्था करने पर विचार करेगी. मगर मौजूदा समय में बहुत से ऐसे छात्र हैं, जो सदमे में हैं. सरकार अभी ऐसे छात्रों को सदमे से बाहर निकालने का प्रयास कर रही है."

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि सुप्रीम कोर्ट में यूक्रेन से लौटे छात्रों की पढ़ाई को लेकर एक याचिका भी दाखिल की गई है. इस याचिका में यूक्रेन से आए छात्रों को भारतीय पाठ्यक्रम के अधीन करने से पहले, केंद्र सरकार से एक चिकित्सा विषय समकक्षता उन्मुखीकरण कार्यक्रम प्रदान करने की मांग की गई थी.

Related Stories

No stories found.
हिंदुस्तान रीड्स
www.hindustanreads.com