ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आज नहीं होगी सुनवाई, वाराणसी कोर्ट के वकीलों ने की हड़ताल

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आज नहीं होगी सुनवाई, वाराणसी कोर्ट के वकीलों ने की हड़ताल

वाराणसी (Varanasi) की जिला अदालत में आज बुधवार 18 मई को ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Mosque) विवाद से जुड़े दो अहम मामलों में सुनवाई होनी है. हालांकि, वाराणसी के वकील आज एक दिन की हड़ताल पर हैं और वह आज कोई कार्य नहीं करेंगे. ऐसे में आज ज्ञानवापी मस्जिद मामले में होने वाली अहम सुनवाई की उम्मीद ना के बराबर है.

अब इस बात की ज्यादा संभावना है कि वकीलों की हड़ताल के चलते आज अदालत में ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुनवाई नहीं हो सकेगी. वहीं, इस विवाद से जुड़े मुकदमों को सुनने के लिए अदालत कोई नई तारीख तय करेगी.

इस मामले में आज होने वाली थी सुनवाई

ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे पूरा हो चुका है और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जिला अदालत में आगे की सुनवाई पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया है. आपको बता दें, कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर से शिवलिंग मिल जाने के दावे के बाद अब श्रृंगार गौरी के सामने वाली दीवार हटाने की मांग पर आज वाराणसी की जिला अदालत में सुनवाई होनी थी. इस याचिका को तीन महिलाओं ने दायर किया है, जो पूजा का हक चाहती हैं. इसके अलावा, मंदिर के बाकी हिस्सों में सर्वे और कथित शिवलिंग के चारों तरफ से दीवार हटाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की जानी थी. वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है, कि जब तक कोर्ट कमिश्नर की सर्वे रिपोर्ट अदालत में दाखिल नहीं हो जाती, तब तक अदालत को सर्वे से जुड़ी सुनवाई पर रोक लगा देनी चाहिए.

वकीलों की हड़ताल के बीच, मामले की सुनवाई पर अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने कहा, कि हमने सुनवाई जारी रखने के लिए बार एसोसिएशन से अनुमति मांगने के लिए एक आवेदन वाराणसी की अदालत में दायर किया है.

हटाए गए कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्र

इस बीच, सर्वे की रिपोर्ट के लिए दो दिन का और वक्त देते हुए जिला अदालत ने एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को हटा दिया. अजय कुमार मिश्रा के ऊपर आरोप थे, कि वह ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के दौरान मिली सूचनाएं मीडिया में लीक कर रहे थे. वहीं, मुस्लिम पक्ष भी शुरू से ही अजय मिश्रा को हटाने की मांग पर अड़ा हुआ था.

भाजपा द्वारा धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है- मायावती

ज्ञानवापी मस्जिद मामले को लेकर शुरू हुए विवाद पर अब बसपा चीफ मायावती (Mayawati) की तरफ से भी बयान सामने आया है. मायावती ने इसे एक साजिश बताते हुए कहा, ये लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने की एक सोची-समझी साजिश है. साथ ही उन्होंने लोगों से भाईचारा बनाए रखने की भी अपील की.

ज्ञानवापी मामले को लेकर जारी बवाल पर मायावती ने कहा, कि जिस तरह एक षड़यंत्र के तहत लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काया जा रहा है, भाजपा को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है कि किस चीज से हमारा देश मजबूत रहेगा. इसके साथ विशेषकर एक धर्म समुदाय से जुड़े स्थानों के नाम भी जो एक-एक कर बदले जा रहे हैं, इससे हमारे देश में शांति और भाईचारा नहीं बल्कि आपसी नफरत की भावना ही पैदा होगी. ये सब काफी चिंतनीय है.

Related Stories

No stories found.
हिंदुस्तान रीड्स
www.hindustanreads.com