अग्निवीरों को नौकरी देने के एलान पर भड़के पूर्व कमांडो, पूछा उन्हें कौन सी नौकरी देंगे आनंद महिंद्रा

अग्निवीरों को नौकरी देने के एलान पर भड़के पूर्व कमांडो, पूछा उन्हें कौन सी नौकरी देंगे आनंद महिंद्रा

अग्निपथ योजना (Agnipath Yojana) की घोषणा के पहले दिन से ही पूरे देश में इसका विरोध हो रहा है. हर कोई इस योजना से सम्बंधित अपनी प्रतिक्रिया और राय दे रहा है. वहीं कई उद्योगपतियों ने भी इसका समर्थन किया है, जिनमें से एक हैं, मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra). उनके एक ट्वीट से पूर्व मरीन कमांडो, प्रवीण तेवतिया (Praveen Teotia) काफ़ी नाराज़ हो गए हैं. उन्होंने उद्योगपति आनंद महिंद्रा से एक सवाल भी किया है.

आपको बता दें, अग्निपथ योजना के समर्थन में उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने अग्निवीरों को महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) में नौकरी देने की बात कही थी.

अपने इस ट्वीट के बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने कहा, कि अग्निवीरों को कॉर्पोरेट सेक्टर में आराम से नौकरी मिल सकती है क्यूंकि वे हर तरह से प्रशिक्षित होते हैं.

आनंद महिंद्रा की इन ट्वीट्स से शौर्य चक्र विजेता, प्रवीण तेवतिया (Praveen Teotia) जो मरीन कमांडो रह चुके हैं, नाराज़ हो गए और उन्होंने ट्वीट कर के उद्योगपति आनंद महिंद्रा से सवाल किया, कि "वे 15 वर्षों की सेवा के बाद भी बेरोज़गार हैं. उन्हें महिंद्रा ग्रुप में कौन से नौकरी दी जाएगी। उन्होंने ये भी कहा की उनके जैसे कई सैनिक हैं जो सेवा के बाद बेरोजगार हैं. उन्हें अब तक महिंद्रा ग्रुप ने कोई नौकरी क्यों नहीं दी ?"

आपको बता दें, 26 /11 को हुए होटल ताजमहल हमले में प्रवीण तेवतिया ने गौतम अडानी (Gautam Adani) समेत 185 लोगों की जानें बचाई थीं. इस हमले में उन्हें कई गोलियां लगी थीं, जिस वजह से उनका एक कान डैमेज हो गया और वे ठीक से सुन नहीं पाते हैं. इतना ही नहीं, उनके लंग्स में भी बुलेट लगी थी और इसलिए वे अब डिफरेंटली एबल्ड हो गए हैं. उनके अनुसार, उन्होंने कई सरकारी दफ्तरों और निजी कंपनियों में भी अप्लाई किया था, पर उन्हें डिफरेंटली एबल्ड होने की वजह से कोई भी ढंग की नौकरी नहीं मिली.

अग्निपथ योजना पर प्रवीण तेवतिया की राय

अग्निपथ योजना घोषणा से प्रवीण तेवतिया खासे नाराज़ हैं. उनके अनुसार, इस स्कीम से कोई रिफार्म नहीं आएगा, बल्कि सेना की मुश्किलें बढ़ जाएंगी. उनके अनुसार, हर 4 साल में स्पेशलाइज्ड पर्सनल कहाँ से आएंगे, क्योंकि जब तक कोई परमानेंट नहीं होता है तब तक किसी विशेष डिपार्टमेंट में उसे कैसे भेजा जाएगा.

वहीं, अगर किसी अग्निवीर को गोली लग जाती है, तो सरकार क्या कदम उठाएगी? उसके परिवारजनों को 40 लाख रुपए देने का प्रावधान है, पर अगर उसी सैनिक को कोई सीरियस इंजरी हो गयी, तो वो और उसका परिवार कहाँ जायेगा ? उसका इलाज कैसे होगा ? इन अग्निवीरों को 4 सालों के बाद सेना से भी निकल दिया जायेगा.

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