भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी, डॉ. किरण बेदी की किताब ‘निर्भीक प्रशासन’ का हुआ लोकार्पण

भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी, डॉ. किरण बेदी की किताब ‘निर्भीक प्रशासन’ का हुआ लोकार्पण

देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी (अब सेवानिवृत्त) डॉ. किरण बेदी (DR. Kiran Bedi) द्वारा लिखित ‘फीयरलेस गवर्नेंस’ (Fearless Governance) पुस्तक का हिंदी संस्करण, “निर्भीक प्रशासन” का लोकार्पण 9 जून, 2022 को स्मिता प्रकाश, संपादक, ए. एन. आई (ANI) द्वारा किया गया। जन आकांक्षाओं के प्रति जनादेश और न्यायसंगत प्रशासन का व्यवहारिक पक्ष, इस पुस्तक से सामने आता है।

इस अवसर पर डॉ. बेदी ने कहा, कि “यह बेहद ख़ुशी की बात है, कि पुस्तक में सूचीबद्ध कई उपायों का प्रयोग, दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल और निर्देशन अधिकारी जमीनी स्तर पर प्रतिदिन कर रहे हैं”। उन्होंने आगे कहा, कि ‘सुशासन आम लोगों के सहयोग के बिना नहीं किया सकता’।

आपको बता दें, कि पुस्तक की लेखिका और पुडुचेरी की पूर्व उप राज्यपाल डॉ किरण बेदी ने अपनी पुस्तक में उन अच्छी प्रथाओं का एक उदाहरणात्मक विवरण दिया है, जिनका प्रयोग उन्होंने अपने 5 साल के कार्यकाल में किया था। ए.एन.आई संपादक, स्मिता प्रकाश ने पुस्तक का विमोचन किया और चर्चा का नेतृत्व करने के साथ-साथ उन्होंने प्रश्न और उत्तर के माध्यम से कार्यक्रम का संचालन भी किया।

डायमंड बुक्स, “निर्भीक प्रशासन” पुस्तक के प्रकाशक हैं। इसके अलावा, विदेशी सहित कई अन्य भारतीय भाषाओं में किताब को लिखने का काम जारी है। किताबों की रॉयल्टी, इंडिया विजन और नवज्योति इंडिया फाउंडेशन को दान की गई है। इंटीरियर बिल्डिंग उत्पादों के निर्माता ब्रांड एलस्टोन की ओर से सभी मेहमानों को "निर्भीक प्रशासन" की एक-एक प्रति भेंट की गई।

डायमंड बुक्स के चेयरमैन, नरेंद्र कुमार वर्मा ने कहा “आज एक ऐतिहासिक दिन है। जनवरी 2022 में इंद्रा नूई (Indra Nooyi) और प्रो. देबाशीष चटर्जी (Prof. Debasish Chatterjee) ने ‘फीयरलेस गवर्नेंस’ पुस्तक के अंग्रेजी संस्करण का विमोचन किया था और आज स्मिता प्रकाश द्वारा हिंदी संस्करण का विमोचन किया जा रहा है, ये हमारे लिए गर्व की बात है”।

इस अवसर पर ए.एन.आई की संपादक सुश्री स्मिता प्रकाश ने कहा, "निर्भीक प्रशासन", पुडुचेरी में डॉ किरण बेदी द्वारा किए गए कामों के सबूत के साथ एक नई तरह की प्रकाशन शैली है। यह एक जीवित किताब है। उन्होंने अपने पांच साल के कार्यकाल में लाखों लोगों के जीवन को अपने काम से संवारा है।

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