Savarkar Book launch: मुद्दा हुआ गर्म, आमने सामने आए रक्षामंत्री और असदुद्दीन ओवैसी

Savarkar Book launch: मुद्दा हुआ गर्म, आमने सामने आए रक्षामंत्री और असदुद्दीन ओवैसी

मंगलवार 13 अक्टूबर 2021 को केंद्रीय रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह ने ये दावा किया है, कि हिंदुत्व के विचारक विनायक दामोदर Savarkar ने अंग्रेजों के सामने दया याचिका दायर की थी. मगर यह याचिका, महात्मा गांधी के सुझाव के बाद दायर की गई थी. राजनाथ सिंह ने यह दावा, "वीर सावरकर: द मैन हू कुड हैव प्रिवेंटेड पार्टिशन" नाम की पुस्तक के विमोचन पर किया है.

इस सन्दर्भ में अपने बयान पर  राजनाथ सिंह ने कहा है, कि "Savarkar के बारे में झूठ फैलाया गया. बार-बार ये कहा गया, कि उन्होंने ब्रिटिश सरकार के समक्ष दया याचिका दायर कर जेल से रिहा होने की मांग की थी. मगर सच तो ये है, कि महात्मा गांधी ने Savarkar को रिहा करने की अपील की थी. उन्होंने कहा था, कि जिस तरह से हम भारतीय स्वतंत्रता सेनानी शांति से आज़ादी के लिए आंदोलन चला रहे हैं, वैसा ही Savarkar भी करेंगे". आपको बता दें, कि यह बयान Savarkar के वर्ष 1911 में जेल जाने के विषय में दिया गया है.

रक्षामंत्री के इस बयान पर निशाना साधते हुए एआईएमआईएम के पार्टी प्रमुख, असदुद्दीन ओवैसी ने भी चुटकी ली है. ओवैसी ने कहा है, कि "भाजपा जल्द ही दिवंगत हिंदुत्व विचारक Savarkar को 'राष्ट्रपिता' घोषित कर देगी". साथ ही उन्होंने यह भी कहा है, कि "भाजपा तोड़-मरोड़कर इतिहास पेश कर रही है. अगर ऐसा ही चलता रहा, तो वह महात्मा गांधी को हटा देंगे और उनकी जगह Savarkar को दे दी जाएगी. भाजपा जल्द ही उन Savarkar को राष्ट्रपिता बना देगी, जिनपर महात्मा गांधी की हत्या का आरोप है और जिन्होंने न्यायमूर्ति, जीवन लाल कपूर की जांच में सहभागी घोषित किया गया था".

ओवैसी के अलावा Savarkar पर छिड़ी इस बहस पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल ने भी राजनाथ सिंह के बयान की आलोचना की है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है, कि "महात्मा गांधी कहां थे और उस समय Savarkar कहां थे? Savarkar जेल में थे. वह कैसे संवाद कर सकते है? उन्होंने जेल से दया याचिका दायर की और अंग्रेजों के साथ रहना जारी रखा. इसके अलावा, वर्ष 1925 में जेल से बाहर आने के बाद द्वि-राष्ट्र सिद्धांत की बात करने वाले वह पहले व्यक्ति थे".

Related Stories

No stories found.
हिंदुस्तान रीड्स
www.hindustanreads.com