Alwar Demolition: 300 साल पुराना मंदिर टूटने के विरोध में भाजपा ने निकाली आक्रोश रैली

Alwar Demolition: 300 साल पुराना मंदिर टूटने के विरोध में भाजपा ने निकाली आक्रोश रैली

राजस्थान के अलवर (Alwar) में एक बार फिर, मंदिर तोड़ने का मामला गरमा गया है. आज 300 साल पुराने इस मंदिर को तोड़ने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP), हिंदूवादी संगठन और साधु संतो ने आक्रोश रैली निकाली. यह आक्रोश रैली, शहीद स्मारक से होते हुए कलेक्ट्रेट ऑफिस तक निकाली गई, जिसे देखकर पूरा प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है.

जानकारी के मुताबिक, यह रैली राजगढ़ में मंदिर, मकान, दुकानें तोड़ने और नगर पालिका अध्यक्ष के निलंबन के विरोध में निकाली गई है. वहीं कलेक्टर ऑफिस पहुंचे भाजपा सांसद बालक नाथ ने कहा, कि "यह रैली हम राजस्थान सरकार को तुष्टीकरण की राजनीति करने से रोकने के लिए निकाल रहे हैं. हमने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ध्वस्त मंदिर निर्माण की मांग का ज्ञापन दिया है." इसके साथ ही उन्होंने कहा, कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को भी इस्तीफा देना चाहिए.

कलेक्ट्रेट ऑफिस के बाहर, बैरिकेडिंग पार कर अंदर आने की कोशिश कर रहें कार्यकर्ताओं और साधु-संतों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की. इसके चलते कलेक्ट्रेट ऑफिस के बाहर काफ़ी हंगामा भी देखने को मिला.

क्या यह है पूरा मामला?

गौरतलब है, कि राजस्थान के अलवर ज़िले में 17 अप्रैल को नगरपालिका ने नगरीय मास्टर प्लान के तहत 35 अतिक्रमण हटाए थे. इसमें एक 300 साल पुराने मंदिर पर भी बुलडोज़र चलाया गया था. इसके साथ ही, आसपास के घरों और दुकानों को भी अतिक्रमण बताकर तोड़ा गया था. इसके बाद से ही, इस मामले को लेकर राजनीति काफ़ी गरमा गई है.

कांग्रेस और भाजपा ने एक दूसरे पर लगाए आरोप

300 साल पुराने मंदिर तोड़ने के मामले को लेकर, कांग्रेस और भाजपा ने एक दूसरे को दोषी ठहराया है. भाजपा का कहना है, कि राजस्थान सरकार ने इस मंदिर को तोड़ने का काम किया है. वहीं कांग्रेस का कहना है, कि मंदिर तोड़ने की कारवाई नगरपालिका द्वारा की गई है और नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड है.

कांग्रेस ने कहा 'मंदिर वहीं बनवाएंगे'

मंदिर गिराये जाने के बाद, कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजगढ़ का दौरा किया था. दौर के बाद, प्रतिनिधिमंडल में शामिल कांग्रेस के नेता भंवर जितेंद्र सिंह ने यह ऐलान किया था, कि मंदिर को फिर से उसी जगह बनवाया जाएगा. इसके साथ ही, जिन्होंने इस प्राचीन मंदिर को तोड़ा है, उनके खिलाफ भी कड़ी कारवाई की जाएगी.

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