Pakistan Political Crisis: इमरान खान ने गंवाई कुर्सी, इन 5 देशों का भी बुरा हाल

Pakistan Political Crisis: इमरान खान ने गंवाई कुर्सी, इन 5 देशों का भी बुरा हाल

भारत के पड़ोसी देश Pakistan (पाकिस्तान) में चल रहे Political Crisis (सियासी उथल पुथल) के बीच, आखिरकार प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी. वहीं रविवार 3 अप्रैल को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में हाई वोल्टेज ड्रामा भी देखने को मिला. दरअसल, इमरान खान को कुर्सी से हटाने के लिए विपक्ष उनके खिलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया था.

मगर ऐसा माना जा रहा है, कि इमरान खान की एक चाल ने उनकी सारी कोशिशों को नाकाम कर दिया. हालांकि वह अपनी कुर्सी तो नहीं बचा सके, लेकिन विपक्ष के मंसूबे पर पानी ज़रूर फेर दिया. हुआ यूं, कि सदन के डिप्टी स्पीकर ने अनुच्छेद 5 के तहत इमरान खान के सन्दर्भ में आए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. वहीं इसके तुरंत बाद इमरान की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली को भंग कर दिया. इसमें कहा गया, कि इमरान खान अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नहीं रहे और 90 दिनों में आम चुनाव कराए जाएंगे.

गौरतलब है, कि पाकिस्तान में नेशनल असेंबली का भंग होना आम बात हो गई है. क्योंकि पाकिस्तान में आज तक कोई भी ऐसा प्रधानमंत्री नहीं बन पाया है, जिसने अपना कार्यकाल पूरा किया हो. इस कारण फ़िलहाल देश की हालत काफ़ी खराब और दयनीय नज़र आ रही है. हालांकि वर्ष 2021-2022 पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि और भी कई ऐसे देशों के लिए काफ़ी बुरा साबित हुआ है.

Pakistan के अलावा इन 5 देशों ने भी देखा संकट

1. श्रीलंका में आपातकाल

पाकिस्तान के अलावा भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका भी इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है. माना जा रहा है, कि श्रीलंकाई सरकार की नाकामियों की वजह से आज वहां आपातकाल लागू हो गया है. यहां तक कि दैनिक जीवन में काम आने वाली चीजों के भाव भी आसमान छू रहे हैं. इसके साथ ही, प्रधानमंत्री को छोड़कर श्रीलंका की पूरी कैबिनेट ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

2. म्यांमार में सैन्य शासन

म्यांमार में 1 फरवरी 2021 को सेना ने चुनी हुई सरकार को गिराकर सत्ता की बागडोर अपने हाथों में ले ली थी. साथ ही, वहां के नेताओं को नज़रबंद करके अलग-अलग मामलों में भारी भरकम सज़ा सुनाई गई. वहीं तख्तापलट के बाद सेना ने वहां 1 साल तक आपातकाल लागू किया, जिसके चलते वहां पर काफ़ी खून खराब भी हुआ. इस कारण फ़िलहाल म्यांमार की अर्थव्यवस्था भी काफ़ी बुरी स्थिति में है.

3. अफगानिस्तान में तालिबान शासन

15 अगस्त 2021, अफगानिस्तान के लिए कयामत की रात मानी जाती है. इस दिन, 20 साल बाद तालिबान ने एक बार फ़िर अफगानिस्तान पर अपनी हुकूमत कायम कर ली थी. तालिबानी हुकूमत के आते ही, वहां खून खराबे का खेल शुरू हो गया. फ़िलहाल स्थिति यह है, कि कई महीनों के बाद भी अफगानिस्तान में जनता भूख से मर रही है और महिलाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा, उन्हें स्कूल जाने से रोका जा रहा है और अर्थव्यवस्था की हालत भी खस्ता हो चुकी है.

4. चीन में एकदलीय शासन

चीन को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माना जाता है. मगर आर्थिक रूप से संपन्न चीन में एकदलीय शासन है, यानी यहां पर सिर्फ़ एक पार्टी ही शासन कर रही है. वैसे तो, चीन हर क्षेत्र में परिपूर्ण है, लेकिन लोकतंत्र के मामले में शून्य माना जाता है. मौजूदा रिपोर्ट्स और जानकारी के मुताबिक, चीन में सरकार के खिलाफ़ आवाज़ उठाने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा सुनाई जाती है.

5. रूस में पुतिन शासन

रूस इस समय पूरी दुनिया को नज़रो में है, जिसकी एक वजह है यूक्रेन पर उसका हमला. जहां बाकी देशों में महत्वपूर्ण फैसले कैबिनेट की मंजूरी से लिए जाते हैं, तो वहीं ऐसा बताया जा रहा है, कि रूस में सिर्फ़ एक व्यक्ति यानी राष्ट्रपति ही सारे फैसला लेता है.

आपको बता दें, कि इस समय व्लादिमार पुतिन (Vladimir Putin) रूस के राष्ट्रपति हैं. वहीं वह कई सालों से राष्ट्रपति की कुर्सी पर मौजूद हैं और उन्हें कोई हटा भी नहीं सकता. दरअसल, पुतिन ने एक ऐसा कानून बनाया हुआ है, जिससे अगले कई सालों तक उन्हें कोई उनके पद से हटा नहीं सकता.

Related Stories

No stories found.