Yogi Adityanath: सभी जिलों में गोदाम और कोल्ड स्टोरेज का नेटवर्क स्थापित करेगी सरकार

Yogi Adityanath: सभी जिलों में गोदाम और कोल्ड स्टोरेज का नेटवर्क स्थापित करेगी सरकार

उत्तर प्रदेश में, पर्याप्त भंडारण बुनियादी ढांचे की कमी के कारण, फसल कटाई के बाद 15 से 20 प्रतिशत वार्षिक बर्बादी होने का अनुमान है. उत्तर प्रदेश देश में कृषि उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक है. लेकिन खराब भंडारण बुनियादी ढांचे से त्रस्त है. अब मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की योजना के अनुसार, राज्य में प्राथमिक सहकारी समिति केंद्र प्रायोजित योजना, कृषि अवसंरचना कोष के समर्थन से 2,000 से अधिक गोदामों का निर्माण होगा. साथ ही, हर जिले में गोदामों और कोल्ड स्टोरेज के निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा.

 यह एक ओर, किसानों की उपज को लंबे समय तक संरक्षित रखने में मदद करेगा. दूसरी ओर, उन्हें अधिक लाभ के लिए अपनी सुविधानुसार, अनाज बेचने की अनुमति देगा. इसके अलावा, राज्य के सभी जिलों में ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म, गोदामों, साइलो, पैक हाउस, सॉर्टिंग और ग्रेडिंग इकाइयों की स्थापना के लिए इच्छुक किसानों और कृषि संस्थानों को ऋण प्रदान किया जाएगा.

मार्च 2017 में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कार्यभार संभालने के बाद, कृषि विभाग के अधिकारियों को फसलों की कटाई के बाद की बर्बादी को रोकने के लिए एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया था. उन्होंने साथ ही यह निर्णय लिया था कि, सहकारी समितियों को बड़े पैमाने पर अवसरंचना कोश द्वारा 2,000 गोदामों के निर्माण के लिए वित्त पोषित किया जाएगा. 

इसके बाद 7,470 में से कुल 1,500 प्राथमिक सहकारी समितियां, 20 लाख रुपये की लागत से 100 मीट्रिक टन की क्षमता वाले गोदाम बनाने के लिए सहमत हुए. साथ ही निर्णय लिया गया कि, कृषि विभाग से 60 करोड़ रुपये मांगे जाएंगे . कृषि विभाग ने पैक्स को 4 लाख रुपये प्रदान किए हैं, जबकि शेष 80 प्रतिशत राशि सहकारी समितियों द्वारा अवसरांचना कोष से ऋण के रूप में ली जाएगी.

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की इस योजना के अंतर्गत 400 गोदामों का निर्माण शुरू हो चुका है और जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद 1,600 गोदामों का निर्माण होगा. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, सहकारिता विभाग के अधिकारी किसानों और उद्यमियों के साथ-साथ सामुदायिक कृषि केंद्रों का भी निर्माण करेंगेे. इससे किसानों की उपज को सही समय पर बेचा जा सकेगा. आवेदकों को बड़े गोदाम, पैक हाउस और कोल्ड स्टोरेज आदि के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जाएगा. ऋण पर सात साल की क्रेडिट गारंटी होगी. सालाना ब्याज पर तीन फीसदी की छूट भी मिलेगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, सहकारी समितियों द्वारा बनाए जा रहे गोदामों के अलावा अब तक 218 करोड़ रुपये की 197 परियोजनाओं के लिए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 20 को जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी.

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