UGC Announcement: नई गाइडलाइन्स जारी, अब मिल सकेगी एक साथ 2 डिग्रियां

UGC Announcement: नई गाइडलाइन्स जारी, अब मिल सकेगी एक साथ 2 डिग्रियां

कल, मंगवार 12 अप्रैल को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से नई शिक्षा नीति के अंतर्गत, एक बड़ा ऐलान किया गया है. यूजीसी के चेयरमैन प्रोफेसर ममीडाला जगदीश कुमार (M. Jagadesh Kumar) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए, नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बड़े फैसलों को विस्तार से रखा. जिसमें ‘डुअल प्रोग्राम’ या ‘टू डिग्री प्रोग्राम’ की घोषणा की गई है. इस प्रोग्राम के अंतर्गत, छात्र एक साथ दो डिग्रियों के लिए दाखिला लेकर डिग्री हासिल कर सकते हैं.

जानिए कैसे काम करेगा ‘डुअल प्रोग्राम’?

‘डुअल प्रोग्राम’ या ‘टू डिग्री प्रोग्राम’ की नई गाइडलाइन का मसौदा तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा. नए दिशा निर्देश लागू होने के बाद, देश में उच्च शिक्षा का ढांचा पूरी तरह से बदल दिया जाएगा. आपको बता दें, कि इस नई प्रक्रिया में छात्रों की तरफ से हासिल किए जाने वाले 40 फीसदी क्रेडिट, उनकी मूल यूनिवर्सिटी के अलावा किसी अन्य यूनिवर्सिटी के हो सकते हैं.

यूजीसी की तरफ से जारी गाइडलाइंस के अनुसार, देशभर के सभी विश्वविद्यालय अब छात्रों को एक साथ 2 डिग्री लेने की इजाजत देंगे. वहीं, छात्र जिस विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं, उसी विश्वविद्यालय से अपनी पसंद का कोई और डिग्री पाठ्यक्रम भी साथ ही साथ पूरा कर सकते हैं. यदि छात्रों को किसी अन्य विश्वविद्यालय में अपनी पसंद का कोई और पाठ्यक्रम अच्छा लगता है, तो इस स्थिति में वह विश्वविद्यालय में दाखिला ले सकते हैं. लेकिन, यह नया प्रोग्राम तब तक लागू नहीं होगा, जब तक इसे विश्वविद्यालय की सांविधिक निकाय (Statutory Body) हरी झंडी नहीं दिखा देती है.

यूजीसी की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, एक साथ दो डिग्री क्रेडिट स्कोर सिस्टम एवं मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन सिस्टम को लागू किया जा रहा है. वहीं, यूजीसी के द्वारा अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के नए करिकुलम पर भी काम किया जा रहा है. इसके तहत विश्वविद्यालय, अंडर ग्रेजुएट कोर्सेस को एक नया रूप देने की तैयारी में हैं.

समान स्तर की डिग्री पर लागू होगा यह नया नियम

यूजीसी द्वारा दिए दिशा-निर्देशों के अनुसार यह भी कहा गया है, कि यह प्रोग्राम वहाँ लागू होगा, जहां लेक्चर के माध्यम से शिक्षा दी जाती है. जैसे कि स्नातक (Undergraduate) या स्नातकोत्तर (Post- Graduate) या डिप्लोमा (Diploma). लेकिन, यह पीएचडी (PHD) जैसे गंभीर कोर्स के लिए लागू नहीं है. आपको बता दें, कि यह नया नियम समान स्तर की डिग्री पर लागू किया जाएगा. जैसे की ग्रेजुएशन करने वाला छात्र, एक-साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री के लिए दाखिला नहीं ले सकता.

वहीं, जहां तक अटेंडेंस का सवाल है, इसके नियमों को कॉलेजों / विश्वविद्यालयों द्वारा ही तय किया जाएगा. यूजीसी ने यह भी साफ कर दिया है, कि दो डिग्री प्रोग्राम को लागू करना विश्वविद्यालय के लिए वैकल्पिक है. इस कोर्स का जल्द आयोजित होने वाले, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) से कोई लेना-देना नहीं है. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि ऑनलाइन डिग्री के लिए एंट्रेंस एग्जाम की जरूरत नहीं होती है. ऑनलाइन मोड में असीमित सीटें विश्वविद्यालय को दी जाएंगी जिससे उन पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं पड़ेगा.

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