E-learning Trends 2021: महामारी के दौर में टेक्नोलॉजी ने बदले पढ़ाई के तरीके

E-learning Trends 2021: महामारी के दौर में टेक्नोलॉजी ने बदले पढ़ाई के तरीके

Covid-19 महामारी के चलते देश भर में स्कूलों को बंद कर दिया गया था. वहीं वर्ष 2021 में भारत के 300 मिलियन से अधिक बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जिसके चलते छात्र ऑनलाइन लर्निंग का सहारा ले रहे हैं. विश्व भर में E-learning के महत्वपूर्ण उदय के साथ, मुश्किल स्वास्थ्य संकट के परिणामस्वरूप शैक्षिक ट्रेंड काफी विकसित हुआ है, जिसमें पढ़ाई को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाता है. स्कूल के विद्यार्थियों ने ऑनलाइन कक्षाओं के लिए खुद को अच्छी तरह से अनुकूल बनाया है, जिसने कम समय में सूचना प्रतिधारण को बढ़ाया. वहीं आज भाषा कार्यक्रमों, वर्चुअल ट्यूटरिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन लर्निंग सॉफ्टवेयर जैसी तकनीक का उपयोग काफी बढ़ गया है. 

प्रमुख वैश्विक आपदाएं अक्सर तेज़ी से कार्य करती हैं, लेकिन हमें इंतज़ार करना चाहिए और देखना चाहिए कि भविष्य में E-learning के लिए क्या कुछ संभव है. आइए कुछ ऐसे रुझानों पर नज़र डालें, जो शिक्षा के ट्रेंड को अच्छे के लिए बदल रहे हैं.

1. E-learning का इस्तेमाल करना :

पारंपरिक पढ़ाई को किसी न किसी रूप में डिजिटल बदलाव को अपनाने की ज़रूरत होगी. इसका प्रभावी अर्थ यह है कि शैक्षिक संस्थान हाइब्रिड मॉडल का उपयोग करेंगे. जिससे शिक्षित करने का तरीका भी नाटकीय रूप से बदल जाएगा. डिजिटल रूप से जुड़े विद्यार्थियों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिजिटल कक्षाओं को अपनाना है. डिजिटल नहीं होने वाले शैक्षिक संस्थान बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी खो देंगे.

2. Ed-Tech बिजनेस में फ़ायदा :

Ed-Tech क्षेत्र का तेज़ी से विस्तार होगा, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति और Covid-19 महामारी के परिणामस्वरूप हालिया प्रगति से प्रेरित होगा. यह तकनीकी क्षेत्रों में छात्रों के लिए डिजिटल तरीके से सीखने को प्रोत्साहित करने के लिए मदद करेगा. यह तभी मुमकिन  हो सकता है जब सभी शिक्षा संस्थान भविष्य में हाइब्रिड मॉडल का उपयोग करेंगे. यह पारंपरिक तरीकों में से एक महत्वपूर्ण कदम होगा.

3. उन्नत डिजिटल प्रौद्योगिकियां बढ़ रही हैं :

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) कुछ उभरती हुई प्रौद्योगिकियां हैं, जो E-learning के माहौल को पूरी तरह से बदल देंगी. AI में लोगों के सीखने के कौशल का विश्लेषण और मूल्यांकन करने की क्षमता है, जिससे हम अधिक प्रभावी शिक्षा कार्यक्रम विकसित कर सकते हैं.

4. वीडियो-आधारित सामग्री की लोकप्रियता बढ़ेगी :

वीडियो सामग्री बनाने और वितरित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक डिजिटल लर्निंग होगा. सामग्री ऑनलाइन क्लासेस के प्रसारण और रिकॉर्डिंग से परे, एक विशेष निर्देशात्मक सामग्री के निर्माण तक फैलेगी.

5. इंटरैक्टिव सामग्री पर प्रीमियम लगाएं :

ऑफ़लाइन लर्निंग के सबसे महत्वपूर्ण लाभों में से एक यह है कि, ये मनोरंजक होते हुए भी अधिक इंटरैक्टिव और केंद्रित दिखते हैं. हालाँकि, आजकल डिजिटल कक्षाएं शिक्षक या शिक्षार्थी को कम व्यक्तिगत और आकर्षक लग सकती हैं. आभासी शिक्षा क्षेत्र अब कठिनाई से जूझ रहा है और डिजिटल बोर्ड, रीयल-टाइम क्विज़, पोल आदि जैसी सामग्री या तकनीकों के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं को अधिक गतिशील और सहभागी बनाने की कोशिश कर रहा है.

6. वर्चुअल क्लासरूम :

वर्चुअल क्लासरूम E-learning छात्रों को दुनिया के किसी भी हिस्से से सीखने और अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थान को चुनने के लिए सशक्त बनाकर लोकप्रियता प्राप्त कर रहे हैं. यह न केवल घर पर एक फिज़िकल क्लास जैसा सीखने का माहौल बनाता है, बल्कि यह शिक्षकों को अपने घरों के आराम से अकादमिक संचालन को नियंत्रित और प्रबंधित करने का अधिकार भी देता है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-सक्षम छात्र निगरानी, अटेंडेंस ट्रैकिंग और परीक्षा प्रॉक्टरिंग ने सभी हितधारकों के लिए वर्चुअल लर्निंग को पारदर्शी बना दिया है.

7. मिश्रित शिक्षा :

छात्रों की सुरक्षा और इसके द्वारा प्रदान किए जाने वाले लचीलेपन को ध्यान में रखते हुए, निर्बाध पढ़ाई और सीखने को सुनिश्चित करने के लिए मिश्रित पढ़ाई का दृष्टिकोण सर्वोत्तम विकल्पों में से एक है. ऑनलाइन शैक्षिक संसाधनों और पारंपरिक कक्षा पढ़ाई विधियों दोनों का सर्वोत्तम लाभ उठाकर, शैक्षणिक संस्थान 21वीं सदी की शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं.

8. ब्लॉक-आधारित कोडिंग सिस्टम :

21वीं सदी में ब्लॉक-आधारित कोडिंग, विद्यार्थियों के लिए एक उचित कदम है. कोडिंग एक ब्लॉक-आधारित प्रोग्रामिंग भाषा है, जो छात्रों के लिए समझना आसान है, क्योंकि इसमें निर्देश ब्लॉक के रूप में प्रस्तुत किए जाते हैं. जिससे छात्रों के लिए विभिन्न मल्टीमीडिया प्रोजेक्ट बनाना आसान हो जाता है.

यह छात्रों को न केवल एनिमेटेड कहानियां बनाने में सक्षम बनाता है, बल्कि विज्ञान परियोजनाएं, इंटरैक्टिव आर्टवर्क और भी बहुत कुछ करने में सक्षम बनाता है. इस तरह के कोडिंग कार्यक्रमों का उपयोग छात्रों की रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है.

इस प्रकार Ed-Tech टूल और प्लेटफॉर्म शैक्षणिक, संस्थानों को इस अवसर पर उठने और ऑफ़लाइन से ऑनलाइन शिक्षा में एक सहज़ बदलाव करने का एक बड़ा अवसर प्रदान कर रहे हैं. वहीं आने वाले वर्षों में, ऑनलाइन शिक्षा नई सामान्य होगी, जो वास्तव में कहीं भी और कभी भी सीखने के विचार को अपनाएगी.

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