Parliament Monsoon Session: आज इन महत्वपूर्ण बिलों पर रहेगी नज़र

Parliament Monsoon Session: आज इन महत्वपूर्ण बिलों पर रहेगी नज़र

रक्षा मंत्री Rajnath Singh गुरुवार को Parliament के मानसून सत्र के निचले सदन में आवश्यक रक्षा सेवा बिल पेश करेंगे. इस बिल में देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक रक्षा सेवाओं का प्रावधान है. यह  बिल आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश को बदलने के लिए पेश किया जा रहा है. यह बिल सरकार को आवश्यक रक्षा सेवाएं प्रदान करने के अधिकार के साथ, हड़ताल, तालाबंदी और छंटनी को रोकने का अधिकार देता है. 

केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman द्वारा फैक्टरिंग रेगुलेशन (संशोधन) बिल आज Parliament में पेश किया जाएगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें, की यह बिल पिछले साल 24 सितंबर, 2020  को लोकसभा में पेश किया गया था. यह बिल फैक्टरिंग व्यवसाय में शामिल संस्थाओं के दायरे को बड़ा कर, कारखाना विनियमन अधिनियम 2011 को उदार बनाने का प्रयास करता है. इस बिल में कुछ प्रमुख परिवर्तन किए गए हैं. जैसे फेक्टरियों की प्राप्ति, असाइनमेंट और फैक्टरिंग व्यवसाय की परिभाषाओं में संशोधन शामिल है. 

बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री Sarbananda Sonowal, Parliament के मानसून सत्र के तीसरे दिन लोकसभा में अंतर्देशीय पोत बिल पेश करेंगे. प्रस्तावित बिल में अंतर्देशीय जहाजों की सुरक्षा और पंजीकरण के लिए अंतर्देशीय पोत अधिनियम 1917 को हटाना है. आपको बता दें, कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 16 जून को इस बिल को मंजूरी दी गई थी. 

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के मंत्री Pashupati Kumar Paras राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान, उद्यमिता और प्रबंधन बिल को विचार और पारित करने के लिए पेश करेंगे. यह बिल राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान (कुंडली) और भारतीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान (तंजावुर) को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित करने का प्रयास करता है. 

सोमवार को Parliament के मानसून सत्र के पहले दिन फैक्टरिंग रेगुलेशन (संशोधन) बिल, 2020 और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान, उद्यमिता और प्रबंधन बिल पर विचार किया जाना था. लेकिन राजनेताओं, पत्रकारों और संवैधानिक अधिकारियों के इज़रायली स्पाइवेयर पेगासस विरोध के कारण सदन स्थगित कर दिया गया था. राज्यसभा में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw पेगासस विवाद पर बयान दें सकतें है. 

कल दोपहर में राज्यसभा में हंगामे के बीच, केंद्रीय बंदरगाह नौवहन और जलमार्ग मंत्री Sarbananda Sonowal ने नौवहन के लिए समुद्री सहायता बिल पेश किया था. जिसे उन्होंने पूरे देश और विशेष रूप से संपूर्ण नेविगेशन प्रणाली को विकसित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण करार दिया है. बिल देश भर में नौवहन के लिए समुद्री सहायता के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के लिए लाइटहाउस अधिनियम 1927 को निरस्त करने का प्रयास करता है. 

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