Char Dham Road Project: सैन्य सुरक्षा के हवाले से Supreme Court ने दी मंज़ूरी

Char Dham Road Project: सैन्य सुरक्षा के हवाले से Supreme Court ने दी मंज़ूरी

Supreme Court ने मंगलवार, 14 दिसंबर 2021 को Char Dham Road Project को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. केंद्र सरकार इस परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य के चार धाम यानी यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को जोड़ने वाली सड़कों को चौड़ा करने की योजना पर काम कर रही है. 

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि इन चार धामों को एक ही 899 किलोमीटर लंबी सड़क जोड़ती है. Supreme Court से मंजूरी मिलने पर इस योजना पर अब रक्षा मंत्रालय काम करेगा. Char Dham Road Project की लागत लगभग 12,000 करोड़ रुपये है. इस योजना से चारों धामों के शहरों से संपर्क बनाने के रास्ते आसान होंगे. 

 अगर वर्ष 2018 की बात करें, तो उस समय  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को सर्कुलर का पालन करने के लिए कहा गया था. इस सर्कुलर के मुताबिक, Char Dham Road Project के अंतर्गत सड़कों की चौड़ाई 5.5 मीटर निर्धारित की गई थी. हालांकि, केंद्र सरकार चौड़ाई को 10 मीटर तक बढ़ाने की अनुमति मांग रही थी.  सरकार इस मांग के जरिए, भारतीय सेना को आवाजाही में मदद प्रदान करना चाहती थी. केंद्र सरकार ने अपनी सफाई में कहा था, कि "अगर सड़क की चौड़ाई ज्यादा होगी, तो मिसाइल लांचर जैसी भारी मशीनरी को उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा तक ले जाने में भारतीय सेना को काफ़ी मदद मिलेगी."

उत्तराखंड के NGO, सिटीजन्स फॉर ग्रीन दून ने पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण परियोजना के लिए सड़कों को चौड़ा करने के खिलाफ Supreme Court में एक याचिका दायर की थी. फिर Supreme Court ने भी अपनी उच्च-शक्ति समिति द्वारा उठाए गए पर्यावरण संबंधी चिंताओं पर ध्यान दिया. जिसके बाद, इस प्रॉजेक्ट पर रोक लगा दी गई.

अब आज Supreme Court ने इस केस को नया मोड़ देते हुऐ कहा, कि "सीमाओं की सुरक्षा के लिए सशस्त्र बलों के बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करना होगा. रणनीतिक महत्व के राजमार्गों के साथ, अन्य पहाड़ी इलाकों की तरह व्यवहार नहीं किया जा सकता. हालांकि, अदालत याचिकाकर्ता की पर्यावरण संबंधी चिंताओं को भी स्वीकार करती है, और पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति S K Sikri की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति का गठन कर रही है."

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