Assam Violence: अतिक्रमण हटाने के दौरान हुआ पथराव और गोलीबारी, यहां पढ़ें पूरा मामला

Assam Violence: अतिक्रमण हटाने के दौरान हुआ पथराव और गोलीबारी, यहां पढ़ें पूरा मामला

Assam राज्य के दरांग ज़िले में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई झड़प ने हिंसा का रूप ले लिया. इस हिंसा में जमकर पथराव और गोलीबारी हुई. इस भयानक हिंसा में अब तक 2 लोगों की मौत की खबर आई है. वहीं 24 लोग इस हिंसा में घायल हुए.

दरअसल, दरांग ज़िले में Assam सरकार का इरादा कम्युनिटी फार्मिंग करने का है. मगर इस इलाके की 25 हज़ार एकड़ ज़मीन का गैर कानूनी तरीके से अतिक्रमण किया गया है. जिस पर 3,000 परिवारों ने अवैध कब्ज़ा कर रखा है. असम सरकार का स्थानीय लोगों पर आरोप है कि, उन्होंने इस सरकारी ज़मीन पर गैरकानूनी तरीके से कब्ज़ा कर रखा है. यह लोग बेघर न हो इसीलिए Assam सरकार ने इनके सामने फार्मिंग स्कीम लाने की पेशकश की और इन्हें 2 एकड़ ज़मीन देने का भी वादा किया. लेकिन दोनों पक्षों की इस बात पर असहमति होने की वजह से विवाद छिड़ गया और देखते ही देखते इस विवाद ने एक भयानक हिंसा का रूप ले लिया.

Assam पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 'प्रोजेक्ट गरुखुटी' के तहत कम्युनिटी फार्मिंग का मार्ग प्रशस्त करने के लिए अतिक्रमित सरकारी भूमि को खाली कराने का काम पुलीस को सौंपा गया था. जब पुलिस मौके पर अतिक्रमण हटाने गई, तो लगभग 2,000 लोगों की भीड़ ने पुलिस की उस टीम पर हमला किया. हालात बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज व गोलियां चलानी शुरु कर दी. हिंसा में 6 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए.

Assam हिंसा में मारे गए 2 लोगों में से एक सिपाझार थाना क्षेत्र के निवासी खलेक अली का बेटा शेख हामिद (12) था. दूसरे व्यक्ति ने सिपाझार PHC ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया. घायल हुए 6 पुलिसकर्मियों में DSPअमिताभ चौधरी, 4 APBN के आर्म्ड ब्रांच सब-इंस्पेक्टर मोनीरुद्दीन अहमद और आर्म्ड ब्रांच इंस्पेक्टर नारायण सरमा को गंभीर हालत में गौहाटी मेडिकल कॉलेज एंव हॉस्पिटल में ईलाज के लिए भेज दिया गया.

पुलीस द्वारा भीड़ को दिया गया आश्वासन रहा बेअसर

ज़िला प्रशासन द्वारा 20 सितंबर को ढालपुर नंबर 1 और ढालपुर नंबर 3 पर किए गए सफल निष्कासन अभियान के बाद, दरांग ज़िले को खाली करवाने का आदेश दिया था. मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में निष्कासन अभियान शुरू में तीन क्षेत्रों में शांतिपूर्ण रूप से चला. हालांकि, All Assam Minority Student Union (AAMSU) के कार्यकर्ता ऐनुद्दीन अहमद ने उत्तेजित भीड़ को शांत कराने की कोशिश की और खुले मैदान में उपायुक्त से चर्चा शुरू कर दी. डिप्टी कमिश्नर ओसेन  और A.D.C पंकज डेका ने बेदखल किए गए अतिक्रमणकारियों को आश्वासन दिया कि प्रशासन उन्हें पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं, तिरपाल आदि उपलब्ध कराएगा. फिर ज़िला प्रशासन ने भी बेदखल किए गए अतिक्रमणकारियों के पुनर्वास के लिए 1,000 बीघा भूमि प्रदान करने के सरकार के निर्णय को दोहराया था. लेकिन भीड़ पर इस बात का कोई असर दिखाई नहीं दिया.

Assam हिंसा में सामने आया एक फोटोग्राफर का हैवानी चेहरा

Assam हिंसा में पुलिस द्वारा गोली मारे गए एक व्यक्ति के शरीर पर एक फोटोग्राफर का हमला करने का एक वीडियो भारत में खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो के सामने आते ही लोगों ने फोटोग्राफर का खूब विरोध किया. वायरल वीडियो में बिजॉय बनिया नाम का यह फोटोग्राफर भी पुलिसकर्मियों के साथ दिखाई दे रहा है. इस हिंसक छड़प में पुलिस की गोली लगने के बाद एक आदमी ज़मीन पर गिरा हुआ था. जैसे ही वह घायल आदमी ज़मीन पर गिरा, करीब एक दर्ज़न पुलिसकर्मी उस पर डंडों से हमला करते नज़र आए.

पुलिस द्वारा घायल व्यक्ति का नाम मोइनुल हक बताया गया है. वायरल वीडियो में दिख रहा है की घायल व्यक्ति, ज़मीन पर गिरा हुआ है. तब बिजॉय बनिया नाम का यह फोटोग्राफर उसके पास पहुंचता है और उस पर कूदना शुरू कर देता है. हालंकि, वीडियो में फोटोग्राफर का चेहरा ढका हुआ और उसकी गर्दन के चारों ओर एक कैमरा लटका हुआ है. पुलिसकर्मियों द्वारा उसे ले जाने से पहले वे उस घायल व्यक्ति के शरीर को घूंसा और लात मार रहा है.

सरकार ने दिए जांच के आदेश

Assam सरकार ने दरांग में हुई अतिक्रमण हटाने की हिंसक घटना को लेकर न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वायरल वीडियो में दिख रहे फोटोग्राफर बिजॉय बनिया को भी गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया था. आपको बता दें, सोशल मीडिया पर इस पत्रकार को हिरासत में लेने का #ArrestBijoybania काफी ट्रेंड हो रहा है. जहां लोग इस फोटोग्राफर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.

दारांग के पुलिस अधीक्षक सुशांत बिस्वा सरमा, जो Assam के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के भाई हैं, ने बताया कि पुलिस ने आत्मरक्षा में वही किया जो उन्हें करना था. हालांकि, निवासियों ने मीडिया को बताया कि, उन्होंने सालों पहले यह ज़मीन खरीदी थी और विस्थापन अभियान के खिलाफ स्थानीय अदालत का दरवाज़ा भी खटखटाया था. कोर्ट अब जल्इद ही इस मामले की सुनवाई करेगा.

Assam हिंसा पर पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत के प्रभारी Department of Foreign Affairs को विदेशी कार्यालय में तलब किया और असम निष्कासन अभियान पर अपनी चिंता व्यक्त की, जिसमें आरोप लगाया गया कि, राज्य में मुसलमानों को निशाना बनाया गया है.

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