Single Window Scheme: व्यापार करने में होगी आसानी, मिलेगा ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’

Single Window Scheme: व्यापार करने में होगी आसानी, मिलेगा ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को राष्ट्रीय Single Window Scheme शुरू की है, जो निवेशकों को एक ही मंच पर केंद्र और राज्य सरकारों से स्वीकृति प्राप्त करने में सक्षम बनाती है.पोर्टल नो योर अप्रूवल (KYA), कॉमन रजिस्ट्रेशन एंड स्टेट रजिस्ट्रेशन फॉर्म, ई-कम्युनिकेशन और डॉक्यूमेंट रिपॉजिटरी जैसी सेवाएं प्रदान करेगा. पहले से ही बोर्ड में 14 राज्य तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, असम, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, गोवा और कर्नाटक शामिल हैं.

डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने एक बयान में कहा, "इस सिस्टम की शुरूआत, प्लेटफॉर्म और प्राधिकरणों में प्रस्तुत सूचनाओं के दोहराव और निवेशकों द्वारा सामना किए जाने वाले एप्लिकेशन और पंजीकरण की अव्यवस्थित ट्रैकिंग को सही करने के लिए की गई है."

इस पोर्टल के जरिए 18 केंद्रीय विभागों और नौ राज्यों में स्वीकृति मिलने का काम किया जाएगा. आने वाले समय में इसमें अन्य 14 केंद्रीय विभाग और पांच राज्य  जोड़े जाएंगे.

इस अवसर पर पियूष गोयल ने कहा कि, यह Single Window Portal निवेशकों के प्रस्तावों की मंजूरी के लिए वन-स्टॉप-शॉप बन जाएगा. यह काम करने के तरीक़े में पारदर्शिता और जवाबदेही लाएगा. निवेशकों और व्यापारियों के लिए सभी जानकारी एक ही डैशबोर्ड पर उपलब्ध होंगी. इस पोर्टल में आवेदन करने के साथ साथ, ट्रैक करने और प्रश्नों का उत्तर देने के लिए डैशबोर्ड होगा.  2021-22 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में 20 % से अधिक की वृद्धि हुई थी, जबकि अगस्त 2021 में अगस्त 2020 की तुलना में निर्यात में 45.17 % की वृद्धि हुई थी.  FDI निवेश 2020 में देश में 81.72 अरब डॉलर आए थे, जबकि चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों में FDI प्रवाह 22.53 अरब डॉलर था जो पिछले साल की समान अवधि में देश में आए FDI से लगभग दोगुना था."

Single Window Scheme से किसे और कैसे मिलेगा फायदा?

सामान्य तौर पर, किसी नए निवेशक या व्यापारी को जब कोई नया व्यापार शुरू करना होता है तो उसे कई प्रकार की स्वीकृतियां प्राप्त करनी होती, इसमें एक वर्ष या उससे ज्यादा तक का समय लग सकता है, जिससे निर्माण चक्र लंबा खिंच सकता है. यहां तक कि अगर एक सप्ताह की देरी भी होती है, तो यह संचयी रूप से बहुत बड़ी देरी का कारण बन सकती है, जिससे पूरे परियोजना के पूरा होने का कार्यक्रम अस्त-व्यस्त हो जाता है. Single Window Portal के माध्यम से अनुमोदन प्राप्त करना संभव हो जाता है, तो पूरी प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया जाएगा. अनावश्यक देरी में कमी के साथ, इस तरह की निकासी प्रणाली निर्माण लागत के प्रबंधन में भी मदद करेगी.

यह मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, PLI योजना आदि जैसी अन्य योजनाओं को भी मजबूती प्रदान करेगा. 27 बिलियन अमरीकी डालर के कुल परिव्यय के साथ 13 क्षेत्रों के लिए PLI योजनाओं की घोषणा की गई है और यह भारत को आत्मानिर्भर बना कर वैश्विक अर्थव्यवस्था बनाने के लिए तैयार है. वर्ष 2021 जनवरी, में भारत सरकार द्वारा कोयले की नीलामी के लिए Single Window Portal लॉन्च किया गया था.

प्रस्ताव के आते ही विदेशी निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी

वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2020 में एक महत्वाकांक्षी "इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस सेल (ICC) की घोषणा की थी जो निवेशकों को "एंड टू एंड" सुविधा और समर्थन, पूर्व-निवेश सलाह, भूमि बैंकों से संबंधित जानकारी और केंद्र और राज्य स्तर पर मंजूरी की सुविधा प्रदान करेगी. सेल को एक ऑनलाइन डिजिटल पोर्टल के माध्यम से संचालित करने का प्रस्ताव दिया गया था. इसके बाद, DPIIT ने इन्वेस्ट इंडिया के सहयोग से पोर्टल को National Single Window Portal के रूप में विकसित करना शुरू किया. वर्ष 2020 में जब सरकार ने इस पोर्टल का प्रस्ताव रखा था, उसी समय बहुत से विदेशी निवेशकों ने इसमें अपनी दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी थी.

Related Stories

No stories found.
हिंदुस्तान रीड्स
www.hindustanreads.com