Ram Rahim: रणजीत सिंह हत्याकांड में कोर्ट ने सुनाई सज़ा⁩

Ram Rahim: रणजीत सिंह हत्याकांड में कोर्ट ने सुनाई सज़ा⁩

19 साल पुराने बहुचर्चित रणजीत सिंह हत्याकांड के मामले में, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख Ram Rahim को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी ठहराया है. पंचकुला की सीबीआई की विशेष अदालत में, जज डॉ सुशील कुमार गर्ग ने ढाई घंटे की बहस के बाद, Ram Rahim समेत 5 लोगों को दोषी करार दिया हैं. 5 आरोपियों को 12 अक्टूबर 2021 को सज़ा सुनाई जाएगी. इस हत्याकांड में Gurmeet Ram Rahim के अलावा, तत्कालीन डेरा प्रबंधक कृष्ण लाल, अवतार, सबदिल और जसबीर शामिल थे. 

जानिए क्या था, रणजीत सिंह हत्याकांड 

आपको बता दें, कि रणजीत सिंह, Ram Rahim के डेरे की प्रबंधन समिति के सदस्य थे. 10 जुलाई 2002 को, रणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या की गई थी. क्योंकि डेरा प्रबंधक को इस बात का शक था, कि साध्वी के यौन शौषण की चिट्ठी, रणजीत सिंह ने अपनी बहन से लिखवाई थी. दरअसल, डेरे के लोगों के खिलाफ़ एक गुमनाम चिट्ठी मिली थी, जिसमें डेरे पर साध्वी ने यौन शौषण के आरोप लगाए थे. 

शुरुआत में इस मामले को लेकर स्थानीय पुलिस द्वारा जांच की गई थी, लेकिन रणजीत सिंह के पिता पुलिस जांच से असंतुष्ट थे. जिसके बाद, उन्होंने 2003 में उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर, सीबीआई जांच की मांग की थी. उच्च न्यायालय ने रणजीत के पिता के पक्ष ने फैसला सुनाते हुए सीबीआई जांच की मंजूरी दे दी थी. 

रणजीत सिंह हत्याकांड मामले को लेकर, सीबीआई ने 5 लोगों के खिलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर जांच शुरू की. 2007 में न्यायालय ने आरोपियों पर चार्ज फ्रेम किए थे. इसके बाद, आज 19 साल बाद, 8 अक्टूबर 2021 को Ram Rahim समेत 5 लोगों को दोषी ठहराया है. 

रणजीत सिंह हत्याकांड के मामले में, 3 गवाह महत्वपूर्ण थे. इनमें दो चश्मदीद गवाह, सुखदेव सिंह और जोगिंद्र सिंह का कहना था, कि वे मौका-ए-वारदात पर मौजूद थे. सुखदेव और जोगिंद्र ने मौके पर, आरोपियों को रणजीत सिंह पर गोली चलाते हुए देखा था. वहीं, इस मामले में तीसरा गवाह Ram Rahim का ड्राइवर खट्टा सिंह बना था. खट्टा सिंह ने अपने बयान में कहा था, कि Ram Rahim ने ही उसके सामने रणजीत सिंह को मारने की साज़िश रची थी. हालांकि, खट्टा सिंह अदालत में मुकर गया था. कई साल बाद, फिर से अदालत में पेश होकर गवाही दी. खट्टा सिंह की गवाही के बाद ही, अदालत ने इस मामले में सज़ा सुनाई है. 

पहले से ही सज़ा काट रहा है Ram Rahim 

1. पत्रकार रामचंद्र हत्याकांड में Ram Rahim को उम्रकैद की सज़ा

रामचंद्र छत्रपति ने साध्वी के यौन शौषण मामले में, Ram Rahim के खिलाफ़, अपने अखबार में खबरें प्रकाशित की थी. उन्होंने, यह खबरें, यौन शौषण मामले में मिले पत्र के आधार पर प्रकाशित की थी. खबरें प्रकाशित न करने को लेकर, रामचंद्र पर पहले दबाव बनाया गया था. लेकिन जब वे इन धमकियों के आगे नहीं झुके, तो 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा में उनके घर के बाहर, उन्हें किसी ने गोली मार दी. 28 दिन बाद, 21 नवंबर 2008 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में, उन्होंने दम तोड़ दिया. 

पत्रकार रामचंद्र की हत्या के बाद, इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई. हालांकि, शुरुआत में इस मामले में Ram Rahim का नाम शामिल नहीं था. लेकिन ड्राइवर खट्टा सिंह के बयानों पर डेरा प्रमुख का नाम भी शामिल किया गया. मामले की जांच के बाद, अदालत ने  11 जनवरी 2018 को Ram Rahim, कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और किशन लाल को पत्रकार रामचंद्र की हत्या का दोषी ठहराया. इसके बाद, चारों को हत्याकांड के लिए, उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई. साथ ही, सभी दोषियों पर 50,000 का जुर्माना लगाया गया. Ram Rahim को हत्या की साज़िश रचने और कुलदीप सिंह की गोली चलाने का दोषी ठहराया था. कुलदीप सिंह के साथ निर्मल सिंह भी मौजूद था. जिस बंदूक से गोली चलाई गई थी, उसका लाइसेंस मैनेजर किशन लाल के नाम पर था. 

2. यौन शौषण के मामले में 20 साल की सज़ा

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख Gurmeet Ram Rahim को दो साध्वियों का यौन शौषण करने के मामले में अदालत ने 20 साल की सज़ा सुनाई गई थी. 28 अगस्त 2017 को पंचकुला में, सीबीआई की विशेष अदालत ने, Ram Rahim को 20 साल की सज़ा सुनाई थी. सीबीआई अदालत द्वारा, सज़ा सुनाए जाने के बाद, Ram Rahim के समर्थक हिंसा पर उतर आए थे. पंजाब-हरियाणा समेत 5 राज्यों में डेरा अनुयायी 3 घंटे तक हिंसा करते रहे. इसमें 31 लोग मारे गए थे. साथ ही, 250 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

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