Rajiv Gandhi: 30वीं पुण्यतिथि, लोगों को बांटी जाएगी राहत सामग्री, मानव बम द्वारा की गयी थी पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या

The Indian politician Indira Gandhi stands with her two sons, Rajiv and Sanjay, in the garden of their Delhi home. (Photo by © Hulton-Deutsch Collection/CORBIS/Corbis via Getty Images)
The Indian politician Indira Gandhi stands with her two sons, Rajiv and Sanjay, in the garden of their Delhi home. (Photo by © Hulton-Deutsch Collection/CORBIS/Corbis via Getty Images)

आज राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की 30वीं पुण्यतिथि है। राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) की हत्या के पीछे की वजह, आज भी लोगों के बीच पहेली बनी हुई है। लिट्टे (LTTE) संगठन के आतंकवादी तत्वों ने रैली में बम फोड़कर की थी हत्या। राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) द्वारा किए गए श्रीलंका शांति समझौते से नाराज थे लिट्टे (LTTE) संगठन के सदस्य।

आज भारत में राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की 30वीं पुण्यतिथि मनाई जाएगी। राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) की हत्या 21 मई, 1991 को श्रीपेरंबदूर तमिलनाडु में मानव बम द्वारा हुई थी। देश के सबसे प्रतिष्ठित परिवार के सबसे ताकतवर आदमी, राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) की हत्या लिट्टे(LTTE) संगठन द्वारा की गयी। 

राजीव गांधी की हत्या का मसला, श्रीलंका की आजादी से जुड़ा हुआ है। श्रीलंका में तमिलों के साथ भेदभाव हो रहा था। प्रभाकरण नाम के एक तमिल युवक ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम' – लिट्टे(LTTE) – नाम के एक समूह का संगठन किया। भारत के तमिल लोग और सरकार ने इस लिट्टे(LTTE) को खूब सहयोग दिया। धीरे-धीरे लिट्टे(LTTE) ने आतंकवादी गतिविधियां शुरू कर दी, सैनिकों की हत्या, बम धमाके इत्यादि। श्रीलंका में तमिल लोगों को भी जुलाई महीने में उग्रवादी लोग चुन चुन कर मारते रहे, इस घटना को ब्लैक जुलाई(Black July) भी कहा जाता है। 

28 जुलाई, 1987 को देश के प्रधानमंत्री, राजीव गांधी से प्रभाकरण की मुलाकात दिल्ली में हुई। अगले दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) श्रीलंका पहुंचे और वहां के राष्ट्रपति जेआर जयवर्धने(JR Jaywardhane) के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। बस यही बात प्रभाकरण को खटक गई। इंडियन पीस कीपिंग फोर्स (IPKF) को  राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) के आदेश पर श्रीलंका भेजा गया, जिसका काम वहां पर लिट्टे(LTTE) संगठन के उग्रवादियों का आत्मसमर्पण कराना था ।  

राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) द्वारा हस्ताक्षर किए गए शांति समझौते का श्रीलंका में सही से पालन न होने का लिट्टे(LTTE) संगठन ने आरोप लगाया। थिलीपन नाम के एक सदस्य ने भूख हड़ताल की और उसकी मौत हो गई। 

कुछ दिनों बाद श्रीलंका की सेना ने लिट्टे(LTTE) के 17 सदस्यों को हिरासत में लिया जिसमें से 15 सदस्यों की जहर खाने की वजह से मृत्यु हो गई। इंडियन पीस कीपिंग फोर्स पर भी तमिल लोगों पर अत्याचार करने का आरोप लगा। नफरत की ज्वाला भड़कीऔर लिट्टे(LTTE) संगठन के लोग, इंडियन पीस कीपिंग फोर्स(IPKF), राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) भारत, श्रीलंका इन सभी को अपना दुश्मन मानने लग गए।

कुछ दिन बाद चुनाव प्रचार के दौरान, धन्नो नाम की एक महिला जिसके कमर पर बेल्ट में बम बंधा हुआ था, राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) को प्रणाम करने के लिए झुकी और बम का ट्रिगर दबा दिया। 

हालांकि सालों मुकदमा चलने के बाद 2016 में यह निर्णय हुआ कि इस मामले में जो भी आरोपी हैं उनमें से किसी को भी फांसी की सजा नहीं दी जाएगी, और जो भी उम्र कैद में है उनमें से किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।

कांग्रेस(Congress) ने राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) की पुण्यतिथि को, कोरोना(Covid-19) से जूझ रहे लोगों के लिए सेवा और सद्भावना का दिन घोषित किया है। राजीव गांधी(Rajiv Gandhi) की पुण्यतिथि पर तमाम राज्यों में कांग्रेस पार्टी द्वारा राहत की सामग्री बांटी जाएगी। 

राहुल गांधी ने अपने पिता की तस्वीर को ट्वीट किया और लिखा,"सत्य, सद्भावना, तरक्की।"

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