Jagannath मंदिर में आज होगा वार्षिक स्नान पूर्णिमा महोत्सव, किस किस को मिलेगी प्रवेश की अनुमति

Jagannath मंदिर में आज होगा वार्षिक स्नान पूर्णिमा महोत्सव, किस किस को मिलेगी प्रवेश की अनुमति

 भगवान जगन्नाथ, उनके भाई भगवान बलभद्र और उनकी बहन देवी सुभद्रा के वार्षिक स्नान का महोत्सव गुरुवार को Jagannath मंदिर में रखा जाएगा. Jagannath मंदिर को इसी उपलक्ष्य  में बुधवार शाम को रोशनीमय किया गया. मंदिर के कपाट कई दिन कोरोना महामारी के कारण बंद रहने के बाद शुक्रवार को खोले जाएंगे.

 इस बार महामारी के कारण महोत्सव में भक्तों को इसमें भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई है. केवल टीके के दोनो डोज ले चुके और कोविड नेगेटिव रिपोर्ट रखने वाले श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी. वहीं, मंदिर के अंदर और बाहर किसी भी प्रकार की भीड़ जमा नहीं की जाएगी. इसी को ध्यान में रखते हुए, पुलिस प्रशासन ने  मंदिर के पास के इलाकों में रात्रि गश्त लगाना भी शुरू कर दिया है. वहीं धारा 144 के चलते, लोगों का बुधवार से आना जाना भी बंद है. 

Jagannath मंदिर के मुख्य कार्यकारी प्रशासक, डॉक्टर किशन कुमार ने जानकारी दी "मंदिर के बाहर किसी भी प्रकार से भीड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. जिला प्रशासन द्वारा धारा 144 भी लागू कर दी गई है. हम सिर्फ हर वर्ष की तरह पारंपरिक पूजा पाठ करेंगे. इसके बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिन यानी रथ यात्रा तक आराम करेंगे"

वहीं, प्रशासक ने यह भी बताया की सम्पूर्ण प्रक्रिया की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी, जिससे कि  देश दुनिया में हर जगह मौजूद श्रद्धालु इस पवित्र अवसर पर भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सके. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वार्षिक स्नान में भी रथ यात्रा की तरह बड़ी संख्या में श्रद्धालु  Jagannath मंदिर में आते है.

हिन्दू वार्षिक कैलेंडर के हिसाब से यह वर्ष का पहला बड़ा उत्सव होता है. ये महोत्सव हर वर्ष रथ यात्रा से पहले मनाया जाता है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, और देवी सुभद्रा को पूर्णिमा के दिन पूजा पाठ के साथ स्नान करवाया जाता है. यह परंपरा मंदिर की स्थापना के साथ ही शुरू हुई थी.

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