Narendra Modi: कुशीनगर एयरपोर्ट का करेंगे उद्घाटन, विदेशी मेहमान होंगे मौजूद

Narendra Modi: कुशीनगर एयरपोर्ट का करेंगे उद्घाटन, विदेशी मेहमान होंगे मौजूद

भारतीय प्रधानमंत्री, Narendra Modi और उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ 20 अक्टूबर 2021 को कुशीनगर हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे. इस उद्घाटन समारोह में, कई अन्य विदेशी मेहमानों की उपस्थिति की भी उम्मीद की जा रही है. इनमे श्रीलंका के युवा और खेल मंत्री, नमल राजपक्षे के भी शामिल होने की ख़बर है. साथ ही, बौद्ध पादरियों के सौ से अधिक सदस्य इस दिन कुशीनगर में मौजूद होंगे. आपको बता दें, कि कुशीनगर बौद्ध तीर्थयात्री सर्किट की कुंजी है. इसी जगह पर, महात्मा बुद्ध ने महापरीनिर्वाण प्राप्त किया था.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में शामिल नमल राजपक्षे श्रीलंका के प्रधानमंत्री, महिंद्रा राजपक्षे के बेटे और सांसद हैं. कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति, भारत और श्रीलंका के बीच बढ़ती हुई भागीदारी को दर्शाती है. वहीं इस साल के अंत में, श्रीलंका बिम्सटेक शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करने वाला है. Iइस सम्मलेन में प्रधानमंत्री, Narendra Modi के भी व्यक्तिगत रूप से भाग लेने की उम्मीदे है. कहा जा रहा है, कि प्रधानमंत्री वहां से सीता आलिया नाम का पत्थर भी लेकर आएंगे, जो बाद में अयोध्या के मंदिर निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा .

कुशीनगर के अलावा, इस महीने 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री, Narendra Modi द्वारा वाराणसी में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे से संबंधित एक अखिल भारतीय योजना शुरू करने की उम्मीद है. बताया जा रहा है, कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले, 25 अक्टूबर को अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में प्रधानमंत्री अपनी सबसे बड़ी रैलियों में से एक को संबोधित करेंगे. ये रैली मेहंदीगंज गांव में होगी और भारतीय जनता पार्टी की योजना, इसमें दो लाख से ज्यादा लोगों को जुटने की है.

प्रधानमंत्री अपनी उत्तर प्रदेश की यात्रा के दौरान, लगभग 5,233 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. वहीं इन उद्घाटनो के तुरंत बाद, रिंग रोड फेज-2 पैकेज-1, जो भदोही हाईवे को काट कर वाराणसी-इलाहाबाद और वाराणसी-लखनऊ को कनेक्टिविटी देगा, को अवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा. आपको जानकारी के लिए बता दें, कि अभी वाराणसी-गाजीपुर  को चंदौली में NH-2 से जोड़ने के लिए पैकेज-2 पर काम बाकी है और दिसंबर 2022 तक इसके पूरा होने की उम्मीद की जा रही है.

गौरतलब है, कि रिंग रोड परियोजना की घोषणा वर्ष 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री, अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी. हालांकि वर्ष 2014 में, केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के सत्ता में लौटने के बाद, इस परियोजना पर तेज़ी से काम शुरू हो गया. वहीं एनएचएआई ने इस परियोजना को, प्राथमिकता के आधार पर लिया था और वर्ष 2015 में ही अपना पहला चरण शुरू कर दिया था. 

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