भारत ने दिया पाक को करारा जवाब, मोदी पर बिलावल भुट्टो की टिप्पणी को बताया ‘असभ्य’

भारत ने दिया पाक को करारा जवाब, मोदी पर बिलावल भुट्टो की टिप्पणी को बताया ‘असभ्य’

संयुक्त राष्ट्र (UN) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) के व्यक्तिगत हमले पर भारतीय विदेश मंत्रालय (Ministry Of External Affairs) ने उन्हें करारा जवाब दिया है. शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो की टिप्पणी पाकिस्तान के लिए भी एक नया निचला स्तर है.

विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा, “पाकिस्तान के विदेश मंत्री स्पष्ट रूप से 1971 (India-Pakistan War 1971) के दिन को भूल गए हैं, जो जातीय बंगालियों और हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तानियों द्वारा किए गए नरसंहार का प्रत्यक्ष परिणाम था. दुर्भाग्य से ऐसा लगता है, कि पाकिस्तान अपने अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार में बहुत अधिक नहीं बदला है.”

https://twitter.com/MEAIndia/status/1603701954814758912?s=20&t=wvrtB_3srmIt9uMFMCvgOQ 

इस बयान में आगे लिखा है, कि “पाकिस्तान के विदेश मंत्री की हताशा उनके अपने देश में आतंकवादी संगठनों के मास्टरमाइंडों के प्रति बेहतर निर्देशित होगी, जिन्होंने आतंकवाद को अपनी राज्य नीति का हिस्सा बना लिया है. पाकिस्तान को अपनी मानसिकता बदलने या अछूत बने रहने की ज़रूरत है.

आपको बता दें, कि संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच शब्दों का युद्ध छिड़ा हुआ है. पाकिस्तान के बिलावल भुट्टो ने कल संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दा उठाया, जिस पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) ने उन्हें करारा जवाब दिया. जयशंकर ने कहा, कि “ओसामा (Osama bin Laden) की मेज़बानी करने वालों को काउंसिल में प्रवचन देने का कोई अधिकार नहीं है.” इसके जवाब में आज बिलावल ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस (RSS) पर अपमानजनक हमला किया, जिसकी भारत सरकार द्वारा कड़ी निंदा की गई.

विदेश मंत्रालय ने बिलावल भुट्टो की इन्हीं अपमानजनक टिप्पणियों को 'असभ्य आक्रोश' करार देते हुए कहा, कि यह आतंकवादियों और उनके प्रतिनिधियों का इस्तेमाल करने में पाकिस्तान की 'बढ़ती अक्षमता' को दर्शाता है. मंत्रालय ने कहा, "न्यूयॉर्क, मुंबई, पुलवामा, पठानकोट और लंदन उन कई शहरों में से हैं, जो पाकिस्तान प्रायोजित, समर्थित और उकसाने वाले आतंकवाद के निशान सहन कर चुके हैं. यह हिंसा उनके विशेष आतंकवादी क्षेत्रों से निकली है और दुनिया के सभी हिस्सों में पहुँचाई गई है." 

मंत्रालय ने आगे कहा, कि पाकिस्तान के अलावा कोई भी देश 126 संयुक्त राष्ट्र नामित आतंकवादी और 27 संयुक्त राष्ट्र नामित आतंकवादी संस्थाओं का दावा नहीं कर सकता है. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, कि "हम चाहते हैं, कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मुंबई की एक नर्स अंजलि कुलथे की गवाही को और अधिक गंभीरता से सुना होता, जिसने पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब की गोलियों से 20 गर्भवती महिलाओं की जान बचाई थी. ज़ाहिर है, कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री स्पष्ट रूप से पाक की भूमिका को स्वच्छ बताना चाहते हैं.”

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