DHFL Deal: कर्ज़ से जूझ रही कंपनी को Piramal Group ने खरीदा

DHFL Deal: कर्ज़ से जूझ रही कंपनी को Piramal Group ने खरीदा
INDIA - 2021/06/13: In this Photo illustration the DHFL Logos seen displayed on an Android phone. (Photo Illustration by Avishek Das/SOPA Images/LightRocket via Getty Images)

29 सितंबर 2021 बुधवार को Piramal Enterprise द्वारा Diwan Housing Finance Limited(DHFL) के अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. दोनों कंपनियों के बीच हुए समझौते के तहत, पीरामल ग्रुप ने 34,250 करोड़ रुपये अदा करके DHFL का अधिग्रहण पूरा किया है. इस अधिग्रहण के बाद Piramal Group को DHFL के 100% हिस्से का पूरा स्वामित्व हासिल हो जाएगा. Piramal Group और DHFL के बीच हुआ यह समझौता, Insolvency And Bankruptcy Code (IBC) के तहत निकाले गए समाधान में पहला सफल मामला है.

सौदा पूरा किए जाने पर Piramal Group द्वारा अदा किए गए 34,250 करोड़ रुपयों में 14,770 करोड़ रुपयों का कैश कंपोनेंट शामिल है. इसके अलावा Piramal Group द्वारा 19,550 करोड़ों रुपयों की कीमत के डेब्ट इंस्ट्रूमेंट अदा किए जाएंगे.

DHFL के अधिग्रहण का मुख्य कारण

एक समय पर देश के हाउसिंग फाइनेंस क्षेत्र में सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल DHFL, इस समय भारी कर्ज की समस्या से जूझ रही है. आर्थिक स्थिति अच्छी होने पर DHFL द्वारा शाहरुख खान को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था. लेकिन अब ऐसी स्थिति पैदा हो गई थी, कि कंपनी को अपना सब कुछ, पीरामल एंटरप्राइज को सौंपना पड़ गया. IBC कोड के तहत निकाले गए समाधान के अंतर्गत हुए समझौते में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और अन्य राष्ट्रीय बैंकों ने अहम भूमिका निभाई है.

गौरतलब है, कि DHFL पर विभिन्न बैंकों के 87 हजार करोड़ रुपए बकाया हैं. इन बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया आदि के नाम शामिल हैं. एसबीआई की ओर से लगभग 7000 करोड रूपयों से अधिक राशि DHFL पर बकाया होने का दावा किया गया है. इसी प्रकार बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा भी क्रमशः 4,125 और 3,605 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा किया गया है. 

क्या है समझौते का महत्व?

DHFL और Piramal Group के बीच हुआ यह समझौता, अपने आप में ऐतिहासिक है. वित्तीय क्षेत्र में IBC के जरिए हुए सबसे पहले समाधान होने के साथ ही, यह समझौता कीमत के मामले में भी सबसे बड़े वित्तीय समाधानों में से एक है. एक्सचेंज के नाम जारी किए गए एक बयान में पीरामल ग्रुप ने कहा है, कि इस समझौते के जरिए DHFL के ऋणदाताओं को लगभग 38,000 करोड़ रुपये वापस मिल सकेंगे. इसमें Piramal Group द्वारा अदा किए गए 34,250 करोड़ रुपये तो शामिल है हीं, साथ ही DHFL के पास मौजूद कैश बैलेंस से भी 3800 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा. Piramal Group का कहना है, कि इस समझौते को पूरा किये जाने के बाद DHFL के लगभग सभी ऋणदाताओं को, 46 प्रतिशत ऋण की प्राप्ति हो जाएगी. फिलहाल कंपनी के ऊपर लगभग 70,000 विभिन्न करदाताओ का पैसा बकाया है.

DHFL के अधिग्रहण के बाद कैसी होगी नई कंपनी

Piramal Group द्वारा DHFL का अधिग्रहण करने के बाद पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (PCHFL) का निर्माण होगा. निर्माण किए गए इस नए संगठन में 100% हिस्सेदारी Piramal Group की होगी. गठित की गई इस नई कंपनी की 301 ब्रांच होंगी, जिनमें 2338 कर्मचारी अपनी सेवाएं देंगे. यह नई कंपनी देश के 24 राज्यों में लगभग 1 मिलियन जीवनपर्यंत ग्राहकों की सेवा करेगी. इस प्रकार यह कंपनी हाउसिंग फाइनेंस के क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बनकर उभरेगी. हाउसिंग फाइनेंस के साथ ही पीरामल ग्रुप इस समझौते के बाद इस्तेमाल की हुई कारों के फाइनेंस के क्षेत्र में भी उतरने पर विचार कर रहा है.

Piramal Group के मालिक

DHFL ग्रुप का अधिग्रहण करने वाले पीरामल ग्रुप के मालिक, अजय पीरामल हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन, मुकेश अंबानी से अजय पीरामल का खास रिश्ता है. दरअसल अजय पीरामल रिश्ते में मुकेश अंबानी के समधी लगते हैं. मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की शादी, अजय पीरामल के बेटे आनंद पीरामल से हुई है.

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