रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के क्या भाजपा की एक और पुरस्कार राजनीति

रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के क्या भाजपा की एक और पुरस्कार राजनीति
CHENNAI,INDIA SEPTEMBER 15: Tamil super star Rajnikanth during the audio launch of the film I in Chennai.(Photo by Jaison G/The India Today Group via Getty Images)

भाजपा ने तमिलनाडु मतदान से पहले रजनीकांत को फाल्के पुरस्कार से सम्मानित करने का किया ऐलान

तमिलनाडु में मतदान होने में केवल 5 दिन रह गए हैं। इसी बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने तमिल के सुपरस्टार अभिनेता, निर्माता व लेखक रजनीकांत को प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।

गुरुवार, 1 अप्रैल को नई दिल्ली में इस बात की घोषणा करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा से करोड़ों लोगों के दिल में अपनी जगह बनाई है'।

चुनाव के इस दौर में, जहां नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता पर बैठी AIADMK की मदद से तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में खिलाड़ी बन कर जीत हासिल करने का कोशिश कर रही है, वहीं जावड़ेकर का रजनीकांत ने 'करोड़ों लोगों के दिल में अपनी जगह बनाई है' वाले बयान को सिर्फ मुख्य पुरस्कार के लिए चुने गए एक योग्य उम्मीदवार की प्रशंसा के रूप में देखना गलत होगा। 

रजनीकांत जिनकी लोकप्रियता तमिलनाडु में ही नहीं देशभर में है, या ये कहे दुनियाभर में है और जिनकी अलौकिकता और सबसे अलग फिल्मोग्राफी इस बात का प्रमाण है। लेकिन साथ ही मोदी सरकार द्वारा हुई इस घोषणा का समय और सोचे समझे राजनीतिक संदेश को नजरअंदाज करना मुश्किल है।

भाजपा तमिलनाडु में अनुसूचित जाति को अपनी तरफ करने की कोशिश कर रही है जिसके लिए उसने बहुत ही शातिर रूप से एल. मुरुगन को तमिलनाडु पार्टी का अध्यक्ष चुना है। पिछले साल अक्टूबर में एक न्यूज साइट स्वराज में प्रकाशित हुई एक खबर के मुताबिक, मुरुगन को चुनना और रजनीकांत का राजनीति में आना स्पष्ट रूप से जुड़ा हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, अपने स्वास्थ्य और अन्य मजबूरियों को देखते हुए रजनीकांत अपनी पार्टी शुरू करने के बजाय भाजपा को वापस लाने में इच्छुक हो सकते हैं।

रजनीकांत को नई दिल्ली में राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द द्वारा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उनका ये सम्मान तमिलनाडु और चार अन्य राज्यों में विधानसभा चुनावों के मतदान के एक दिन बाद होगा। 

Related Stories

No stories found.
हिंदुस्तान रीड्स
www.hindustanreads.com