Budget 2022 Mahabharata Shloka: ये है वित्तमंत्री के भाषण में बोले श्लोक का मतलब

Budget 2022 Mahabharata Shloka: ये है वित्तमंत्री के भाषण में बोले श्लोक का मतलब

भारत की वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman द्वारा पेश किया गया 2022 का आम बजट, आज कई मायनों में खास रहा है. एक ओर वित्तमंत्री ने अपने Budget 2022 के भाषण के लिए केवल 90 मिनट का समय लिया, जो कि अब तक के इतिहास में सबसे छोटा बजट भाषण रहा है. वहीं दूसरी ओर, अपने बजट भाषण के दौरान वित्तमंत्री ने महाभारत के 1 श्लोक का भी इस्तेमाल किया, जो कि चर्चा का विषय बना हुआ है. आपको बता दें, कि वित्तमंत्री Sitharaman ने महाभारत के शांति पर्व अध्याय के इस श्लोक को अपने भाषण में शामिल किया था.

दापयित्वाकरंधर्म्यंराष्ट्रंनित्यंयथाविधि.

अशेषान्कल्पयेद्राजायोगक्षेमानतन्द्रितः॥११॥

महाभारत के इस श्लोक का शाब्दिक अर्थ यह है, कि "राजा को धर्म के मुताबिक लोगों से कर इकठ्ठा करने के साथ ही, धर्म के अनुसार लोगों के कल्याण करने के भी उपाय करने चाहिए."

वहीं, Budget 2022 में Nirmala Sitharaman ने एमएसएमई सेक्टर के लिए अगले 5 सालों के दौरान 6000 करोड़ रुपए का आवंटन किया है. गौरतलब है, कि बजट 2021 में भी वित्तमंत्री ने एमएसएमई सेक्टर के लिए 700 करोड़ रुपए आवंटित किए थे. मगर पिछले बजट में आवंटित हुए रुपयों का इस्तेमाल कैसे हुआ, इस पर अभी भी कोई सटीक सूचना उपलब्ध नहीं है.

आपको बता दें, कि केंद्र सरकार 2021 के आम बजट में की गई बहुत सी घोषणाओं को अभी तक पूरा नहीं कर पाई है. वहीं वित्त मंत्री ने पिछले बजट में राजस्व खर्चे का जो लक्ष्य रखा था, सरकार अभी तक उस लक्ष्य को हासिल करने में भी सफल नहीं हो पाई है. इसी बीच, अब Nirmala Sitharaman ने आम Budget 2022 के ज़रिए नई घोषणाएं भी कर दी हैं. हालांकि उम्मीद की जा रही है कि अगले 5 सालों के लिए जो रूपरेखा तैयार की गई है, उसमें आवंटित किए गए बजट का इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसके अलावा, इस बजट में Nirmala Sitharaman ने गरीबों के लिए, 80 लाख घर बनाए जाने के लिए 48000 करोड़ रुपए भी आवंटित किए हैं.

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