Narendra Modi At Kashi Vishwanath: शिव की नगरी को मिला नया रूप, प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन

Narendra Modi At Kashi Vishwanath: शिव की नगरी को मिला नया रूप, प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज, 13 दिसंबर 2021 को Kashi Vishwanath Corridor का उद्घाटन किया. इस प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री के 'ड्रीम प्रोजेक्ट' में से एक माना जाता है.  काशी पहुंचकर सबसे पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi ने काशी के कोतवाल मंदिर में काल भैरव की पूजा अर्चना की. इसके बाद, उन्होंने गंगा स्नान किया और फिर नवनिर्मित कॉरिडोर के जरिए गंगाजल लेकर बाबा काशी विश्वनाथ को मंदिर के गर्भ गृह में अर्पित किया.

पहले गंगा स्नान कर काशी विश्वनाथ को जल अर्पित करने का रास्ता बहुत ही संकरा और कठिन था. श्रद्धालुओं को तंग गलियों से गुजरते हुए मंदिर पहुंचना पड़ता था. ऐसे में उनका काफी समय भी बर्बाद होता था. लेकिन, अब इस नए Kashi Vishwanath Corridor के बन जाने से यह समय सीमा 15 से 20 मिनट की हो गई है. श्री काशी विश्वनाथ धाम के इस नए स्वरूप में 40 से अधिक प्राचीन मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया गया है. साथ ही, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं हेतु 23 नए भवन तैयार किए गए हैं. अधिकारियों ने यह भी बताया, कि घाट से मंदिर तक पहुंचने के रास्ते को बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने लगभग 300 करोड रुपए का खर्चा किया है. इस मौके पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी प्रधानमंत्री के साथ मौजूद थे.

इस मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश के नाम संबोधन भी दिया. अपने संबोधन में उन्होंने मंदिर की व्याख्या की. अपने संबोधन की शुरूआत 'हर हर महादेव' के नारे से शुरु करते हुए उन्होंने कहा, कि "काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर, जो केवल 3,000 वर्ग फुट का था, अब लगभग 5 लाख वर्ग फुट हो गया है. अब, 50,000 से 75,000 भक्त मंदिर और उसके परिसर में आ सकते हैं. आज काशी विश्वनाथ के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है. काशी विश्वनाथ धाम परिसर सिर्फ एक भव्य 'भवन' नहीं है, बल्कि भारत की 'सनातन' संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है. यहां आप देखेंगे कि कैसे प्राचीन काल की प्रेरणाएं भविष्य को दिशा दे रही हैं."

काशी विश्वनाथ मंदिर के इतिहास की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा, कि "अत्याचारियों ने वाराणसी को नष्ट करने की कोशिशें की, लेकिन मुग़ल सल्तनत को आखिर हमारे वीरों द्वारा गिरा दिया गया. हमारे देश में औरंगजेब आया, तो शिवाजी भी उठे. नए भारत को अपनी संस्कृति पर गर्व है और अपनी क्षमता पर भी भरोसा है. नए भारत में 'विरासत' और 'विकास' दोनों है."

अब शाम को प्रधानमंत्री Narendra Modi गंगा आरती देखेंगे, जिसमें उनके साथ विभिन्न भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री होंगे. मंगलवार को प्रधानमंत्री, BJP के 12 मुख्यमंत्रियों और नौ उप मुख्यमंत्रियों के एक सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जहां वे अपने-अपने राज्यों में सर्वोत्तम शासन प्रथाओं को साझा करेंगे.

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