Makar Sankranti 2022: काई पो छे की आवाज़ों से गूंजता है आसमान, सूर्य देव की होती है पूजा

Makar Sankranti 2022: काई पो छे की आवाज़ों से गूंजता है आसमान, सूर्य देव की होती है पूजा

एक बार फिर साल का वह समय आ गया है, जब सभी भारतीय धूमधाम से Makar Sankranti का त्यौहार मनाते हैं. इस त्यौहार की ऊर्जा इतनी खुशनुमा होती है, कि सभी के जीवन में उमंगों के रंग भर देती है. इस त्यौहार को गुजरात में उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है.

गुजरात में Makar Sankranti के दिन लोग खिचड़ी बनाकर भगवान को भोग लगाते हैं तथा आसमान में पतंग उड़ाते हैं. वहां पर तो इस त्यौहार को इतनी धूमधाम से मनाया जाता है कि पतंग उड़ाने की प्रतियोगिता भी की जाती है. गुजरात में इस दिन पुरा आसमान “काई पो छे” की आवाज़ों से गूंजता रहता है. गुजरात में पतंग उड़ाने के महोत्सव को स्वास्थ की दृष्टि से भी काफी महत्त्वपूर्ण माना गया है. ऐसा माना जाता है कि पतंगबाजी अच्छे स्वास्थ्य से संबंधित होती है क्योंकि ऐसा करने से व्यक्ति लंबे समय तक सूर्य के संपर्क में रहता है.

हिंदू ज्योतिष शास्त्र की नजर से भी उत्तरायण बहुत ही खास त्यौहार है. हिंदू ज्योतिष शास्त्र के अनुसार Makar Sankranti उस दिन मनाया जाता है जब सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करते हैं. इस दिन मिठाई, खिचड़ी और अपार श्रद्धा के साथ सूर्य देव की पूजा की जाती है. हिंदू महाकाव्य महाभारत में, इस बात का वर्णन मिलता है कि भीष्म पितामह को अपनी मृत्यु का समय और दिन चुनने का वरदान दिया गया था. इसलिए, उन्होंने अपनी मृत्यु के लिए Makar Sankranti के दिन का इंतजार किया तथा उसी दिन प्राण त्यागे.

Makar Sankranti को ऋतु परिवर्तन के तौर पर भी देखा जाता है. इस दिन लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भूल नए रिश्ते की शुरुआत करते हैं. पौराणिक मान्यता है कि इस दिन धार्मिक नदियों में डुबकी लगा, लोग अपने साल की नई शुरूआत करते हैं. लेकिन इस बार Covid-19 गाइडलाइंस के चलते , हरीद्वार प्रशासन द्वारा हरिद्वार और कुछ अन्य प्रमुख नदियों पर स्नान के लिए रोक लगा दी गई है.

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