Lakhimpur Kheri Violence: वायरल होती वीडियो की क्या है हक़ीक़त?⁩

Lakhimpur Kheri Violence: वायरल होती वीडियो की क्या है हक़ीक़त?⁩

उत्तर प्रदेश के Lakhimpur Kheri में रविवार को हुई हिंसा का एक वीडियो सामने आया है. वीडियो सामने आने के बाद, मामले ने और तूल पकड़ लिया है. दरअसल, वीडियो में दिख रहा है, कि एक काले रंग की एसयूवी गाड़ी किसानों को रौंदते हुए आगे निकल रही है. हालांकि, इस वीडियो में कितनी सच्चाई है, पुलिस द्वारा इस बात की पुष्टि की होना बाकी है. वहीं, वीडियो सामने आने के बाद, मामले ने सियासी रूप ले लिया है. वायरल वीडियो में ड्राइवर सीट पर बैठा शख्स कौन है, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है. 

आपको बता दें कि, हिंसा के बाद से ही बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Ajay Mishra Teni के बेटे Ashish Mishra पर किसानों को रौंदने का आरोप लगा है. वहीं, इस मामले पर विपक्ष के कई नेताओं ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री, Ajay Mishra और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, Keshav Prasad Maurya से इस्तीफ़ा मांगा है. 

जानिए क्या है पूरा मामला 

रविवार को उप मुख्यमंत्री, Keshav Prasad Maurya अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक, Lakhimpur Kheri के दौरे पर थे. उनके स्वागत के लिए कई गाड़ियों का काफ़िला जा रहा था. ये गाडियां केंद्रीय मंत्री, Ajay Mishra के बेटे Ashish Mishra की बताई जा रही हैं. इस दौरान, रास्ते में तिकुनियां इलाके में किसानों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ही, किसानों और गाड़ियों से जा रहे लोगों के बीच झड़प हो गई. इसके बाद ऐसा आरोप लगाया गया, कि किसानों पर गाड़ी चलाने वाला शख्स Ashish Mishra है, जिससे 4 किसानों की मौत हो गई. किसानों की मौत के बाद मामला गरमा गया और हिंसा भड़क गई. हिंसा में बीजेपी नेता के ड्राइवर समेत चार लोगों की मौत हो गई. Lakhimpur Kheri में अभी तक 4 किसानों समेत 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. 

योगी सरकार ने की 45 लाख और सरकारी नौकरी की घोषणा 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने Lakhimpur Kheri हिंसा को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. घटना के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, कि "Lakhimpur Kheri में हुई घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. मामलें को लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी."

सरकार ने मृतकों के परिवार को 45 रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. साथ ही, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी. वहीं, मामले की न्यायिक जांच होते ही, 8 दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है. 

विपक्ष ने लिया सरकार को आड़े हाथ

Lakhimpur Kheri हिंसा का वीडियो वायरल होने के बाद, विपक्ष के कई नेताओं ने केंद्र सरकार और यूपी सरकार पर तीखा हमला किया है. 

कांग्रेस महासचिव Priyanka Gandhi ने वीडियो शेयर करते हुए कहा, कि "Narendra Modi जी आपकी सरकार ने किसी ऑर्डर और FIR के मुझे पिछले 28 घंटो से हिरासत में रखा है. अन्नदाता को कुचलने वाला व्यक्ति अभी तक गिरफ़्तार नहीं हुआ. क्यों ?"

आपको बता दें, कि Lakhimpur Kheri हिंसा में मारे गए किसानों के परिवारों से मिलने पहुंची Priyanka Gandhi को यूपी पुलिस ने 30 घंटे हिरासत में रखने के बाद गिरफ्तार किया है. Priyanka Gandhi पर धारा 144 के उल्लंघन और शांतिभंग की आशंका जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस, उन्हें आज कोर्ट में पेश करेगी. बता दें, कि Priyanka Gandhi के साथ 11 लोगों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया है. इनमें कांग्रेस सांसद, Deependra Hooda और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष, Ajay Kumar Lallu शामिल हैं.

वहीं, कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने इस घटना को लेकर Priyanka Gandhi के विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया है. Rahul Gandhi ने लिखा, कि "जिसे हिरासत में रखा है, वो डरती नहीं हैं- सच्ची कांग्रेसी है, हार नहीं मानेगी."

Lakhimpur Kheri हिंसा को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद, Sanjay Singh ने भी घटना का वीडियो शेयर कर, सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.  Sanjay Singh ने ट्वीट कर कहा, कि "किसानों की हत्यारी गाड़ियों की रफ़्तार देखिये आदित्यनाथ जी, आपके राज में किसानो की निर्मम हत्या करने वाले गिरफ़्तार कब होंगे?

पिछले 30 घंटे से आपने मुझे मेरे साथियों के साथ पुलिस हिरासत में रखा है. लेकिन हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं. क्या यही आपके न्याय का सिद्धांत है?" 

 इस मामले को लेकर कई छोटी बड़ी पार्टियों ने केंद्र सरकार और यूपी सरकार पर हमला बोला है. राज्य सरकार ने राज्य के कई नेताओं को घर में नजरबंद कर लिया है. साथ ही, बाहर से आने वाले नेताओं पर रोक लगा दी गई है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को लखनऊ हवाईअड्डे पर ही रोक दिया गया. 

आरोपों पर मंत्री का जवाब

अपने ऊपर लगे आरोपों को केंद्रीय मंत्री, Ajay Mishra और उनके बेटे Ashish Mishra ने बेबुनियाद बताया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, कि "कुछ लोगों ने काफिले पर हमला कर दिया था. इस हमले में ड्राइवर और तीन कार्यकर्ताओं की मौत हुई है. साथ ही, गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था. इस घटना में मेरे बेटे का कोई हाथ नहीं है."

वहीं, केंद्रीय मंत्री के बेटे, Ashish Mishra ने दावा करते हुए कहा, कि "वो सुबह 9 बजे बनवारीपुर थे. इस घटना में वे शामिल नही थे." 

सरकार की ओर से, इस मामले में मंत्री और उनके बेटे पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है. वहीं, Lakhimpur Kheri हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार वालों ने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक शवों का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है. 

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