Lakhimpur Kheri Case: SIT की जांच में हुआ खुलासा, सोची समझी थी हत्या की साजिश

Lakhimpur Kheri Case: SIT की जांच में हुआ खुलासा, सोची समझी थी हत्या की साजिश

उत्तर प्रदेश के Lakhimpur Kheri हिंसा मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. आपको बता दें, कि मामले की जांच SIT को सौंपी गई थी. Special Investigation Team (SIT) का कहना है, कि Lakhimpur Kheri में किसानों को गाड़ी से कुचलने की पूरी घटना, एक सोची समझी साजिश का हिस्सा थी. SIT के द्वारा आरोपियों पर लगाई गई धाराएं भी बदल दी गई हैं. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Ajay Kumar Mishra के बेटे Ashish Mishra समेत 14 आरोपियों पर अब गैर-इरादतन हत्या के स्थान पर हत्या का केस चलेगा. वहीं आज, 14 दिसंबर 2021 को आरोपियों की कोर्ट में पेशी भी होनी है.

आपको बता दें, कि Ashish Mishra समेत 14 आरोपियों पर SIT ने IPC की धाराओं 279, 338, 304A को हटाकर 307, 326, 302, 34,120 B,147, 148,149 लगायी है. जांच अधिकारी ने बताया, कि Lakhimpur Kheri हिंसा सुनियोजित और एक जानबूझकर किया गया कार्य था, न कि लापरवाही थी. SIT जांच अधिकारी विद्याराम दिवाकर ने पिछले हफ्ते मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आईपीसी की धारा 279, 338 और 304A की जगह वारंट में नई धाराएं जोड़ने के लिए आवेदन दायर किया था. 

Lakhimpur Kheri में प्रदर्शन के दौरान किसानों पर चढ़ाई गई थी गाड़ी

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि 3 अक्टूबर, 2021 को यूपी में Lakhimpur Kheri के तिकुनिया में चार किसानों को एक एसयूवी कार ने कुचल दियाा गया था. किसान, कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर लौट रहे थे. इसी कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Ajay Kumar Mishra भी मौजूद थे. इस घटना में  कई लोग मारे गए थे, जिसमें एक स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप भी थे. किसानों के द्वारा यह आरोप लगाया था, कि एसयूवी कार Ajay Kumar Mishra की थी और उसमें उनका बेटा Ashish Mishra था. इस मामले की पहली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आठ अक्टूबर को हुई थी. हिंसा के कुछ दिनों के बाद Ashish Mishra उर्फ मोनू को 9 अक्टूबर को कई घंटों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था.

SIT ने अब तक आशीष मिश्रा, लवकुश, आशीष पांडे, शेखर भारती, अंकित दास, लतीफ, शिशुपाल, नंदन सिंह, सत्यम त्रिपाठी, सुमित जायसवाल, धर्मेंद्र बंजारा, रिंकू राणा और उल्लास त्रिवेदी को गिरफ्तार किया है. वे अभी Lakhimpur Kheri जिला जेल में बंद हैं. इसी बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार को Ashish Mishra की जमानत अर्जी पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है.

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