Kashi Vishwanath Temple: विश्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का इतिहास है बहुत विस्तृत, जानकर रह जाएंगे दंग⁩

Kashi Vishwanath Temple: विश्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का इतिहास है बहुत विस्तृत, जानकर रह जाएंगे दंग⁩

मोक्ष की नगरी काशी, अपने आप में भव्य और अलौकिक है. आज 13 दिसंबर, 2021 को प्रधानमंत्री Narendra Modi, नव निर्मित Kashi Vishwanath Temple Corridor का उद्घाटन करेंगे. यह अपने आप में ऐतिहासिक क्षण साबित होने वाला है. इसकी वजह, इस स्थान की पौराणिक महानता और ख्याति है. यह मंदिर, गंगा के पश्चिमी तट पर स्थित है. इन्हीं मंदिरों के कारण, वाराणसी को भारत की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में जाना जाता है.

काशी को विश्व स्तर पर सबसे पुराना जीवित शहर माना जाता है. भव्य मंदिर के अलावा, निकटवर्ती दशाहवामेधा घाट पर आयोजित गंगा आरती हजारों आगंतुकों को आकर्षित करती है.  यही बात, शहर के अन्य मंदिरों और घाटों पर भी लागू होती है, जो अपने आध्यात्मिक झुकाव के लिए जाने जाते हैं.  इस स्थान को भगवान शिव की नगरी के नाम से भी जाना जाता है. पुराणों में कहा गया है, कि इस स्थान पर भगवान शिव का निवास है. दशकों से श्रद्धालु, बाबा विश्वनाथ के दर्शनों हेतु काशी आते रहे हैं. कहा जाता है, कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने मात्र से व्यक्ति को सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का फल प्राप्त होता है.

जितनी ज्यादा Kashi Vishwanath temple की मान्यता है, उतना ही दिलचस्प इसका इतिहास भी है. पिछले 600 वर्षों में इस मंदिर को कई बार बनाया गया है. इस स्थान को लेकर अलग-अलग इतिहासकारों ने अपने अपने मत दिए हैं. 

कुछ इतिहासकारों का कहना है, कि लगभग 100 वर्ष पहले इस मंदिर को मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब ने ध्वस्त करवा दिया था. इसके उपरांत, 125 वर्ष तक यह स्थान बिना किसी ईमारत के ही रहा. इसके बाद, वर्ष 1735 में, इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने इस मंदिर का जीर्णोधार करवाया.

कुछ इतिहासकारों ने Kashi Vishwanath Temple के बारे में कहा, कि इस मंदिर का निर्माण अकबर के नौरत्नों में मौजूद राजा टोडरमल ने करवाया था. वहीं कुछ इतिहासकार, इसे राजा विक्रमादित्य के साथ जुड़ा हुआ भी बताते हैं. उनके मुताबिक़, Kashi Vishwanath Temple की स्थापना, 11 वीं शताब्दी में राजा विक्रमादित्य के हाथों हुई थी. हालांकि, इसके निर्माण के कुछ समय के बाद ही मुहम्मद गौरी ने इसे तुड़वा दिया. उस घटना के बाद, इसका निर्माण इल्तुमिश ने करवाया था.

अब लगभग 286 वर्ष के बाद, Kashi Vishwanath Temple Corridor का निर्माण कार्य प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा करवाया गया है.

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