Jallianwala Bagh- Amritsar: 28 अगस्त को प्रधानमंत्री करेंगे पुनर्निर्मित परिसर का वर्चुअल उदघाटन

Jallianwala Bagh- Amritsar: 28 अगस्त को प्रधानमंत्री करेंगे पुनर्निर्मित परिसर का वर्चुअल उदघाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम 6.30 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए Jallianwala Bagh स्मारक के पुनर्निर्मित परिसर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. वह स्मारक में विकसित संग्रहालय दीर्घाओं का भी उद्घाटन करेंगे. Covid-19 के चलते यह इमारत काफी समय से बंद थी.

इस कार्यकर्म के अनुरूप एक प्रेस बयान में कहा गया है कि इस परिसर में बहुत से विकास के काम किए गए हैं.  शहीदी कुएं की मरम्मत करके इसे एक नए सिरे से परिभाषित किया गया है. बाग का दिल, ज्वाला स्मारक की भी मरम्मत हुई है. इमारत के तालाब को एक लिली तालाब के रूप में फिर से जीवित किया गया है. 

Jallianwala Bagh में नौवहन क्षमता को बढ़ाने के लिए रास्तों को चौड़ा बनाया गया है. कई नई और आधुनिक सुविधाओं को जोड़ा गया है, जिसमें उपयुक्त संकेतों के साथ आंदोलन के पथ की मरम्मत करना शामिल है. इस इमारत परिसर के रणनीतिक स्थानों की रोशनी पर भी काफी ध्यान दिया गया है. परिसर में वृक्षारोपण के साथ भूनिर्माण और पूरे बगीचे में ऑडियो नोड्स की स्थापना की गई है. इन सब के इलावा, बाग के मुख्य आकर्षण केंद्र साल्वेशन ग्राउंड, अमर ज्योत और फ्लैग मस्त के आवास के लिए नए क्षेत्रों का विकास किया गया है.

इस वर्चुअल क्रायकर्म में केंद्रीय संस्कृति मंत्री, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री, संस्कृति राज्य मंत्री, पंजाब के राज्यपाल शामिल होंगे. साथ ही हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मुख्य्मंत्री भी उपस्थित होंगे. पंजाब के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसद, Jallianwala Bagh राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट सहित अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे.

Jallianwala Bagh का इतिहास

जब भारत में अंग्रेजों का राज था. तब 13 अप्रैल 1919, बैसाखी के दिन Jallianwala Bagh में जश्न मनाने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई थी. ब्रिगेडियर-जनरल के आदेश पर रेजिनाल्ड डायर के ब्रिटिश सैनिकों ने पहले पार्क के एकमात्र गेट को बंद कर दिया और निहत्थे और रक्षाहीन लोगों पर गोलियां चला दीं, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए. कुछ लोगों ने कुएं में कूदकर भागने की कोशिश की, जिसे अब शहीदी कुआं कहा जाता है.

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