INS Vikrant Sea Trial: भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर का समुद्री प्ररीक्षण हुआ शुरू

INS Vikrant Sea Trial: भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर का समुद्री प्ररीक्षण हुआ शुरू

INS Vikrant, जिसे स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर IAC-1 के रूप में भी जाना जाता है. यह एयरक्राफ्ट कैरियर बुधवार को अरब सागर में अपने पहले परीक्षण के लिए रवाना हुआ, जो चार दिनों तक चलेगा. इसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया है. कोचीन शिपयार्ड में लगभग 23,000 करोड़ रुपये में निर्मित IAC, उड़ान परीक्षणों के बाद ही पूरी तरह से चालू हो जाएगा. इसके निर्माण बोर्ड में अधिकारियों और नाविकों सहित करीब 1,500 अधिकारी शामिल हैं.

INS Vikrant एयरक्राफ्ट कैरियर की खास बात यह है कि यह देश में बनने वाला पहला एयरक्राफ्ट कैरियर है.  इस एयरक्राफ्ट कैरियर को 29 दिसंबर, 2011 को डेक से निकाला गया जबकि इस पर काम 1999 में शूरू हो चुका था और 12 अगस्त 2013 को लॉन्च किया गया. मूल परीक्षण दिसंबर 2020 में पूरे किए गए थे. इस एयरक्राफ्ट कैरियर की लंबाई 262 मीटर है, जबकि इसकी बीम 62 मीटर और गहराई 25.6 मीटर है.

भारत के पास वर्तमान में केवल एक एयरक्राफ्ट कैरियर है, 44,500 टन का INS VIKRAMADITYA, जिसे नवंबर 2013 में रूस से 2.33 बिलियन डॉलर में शामिल किया गया था. इसके डेक से संचालित करने के लिए 45 मिग-29K की खरीद पर एक और 2 बिलियन डॉलर खर्च किए गए थे. भारत अब एक और अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर यानी INS Vikrant को स्वदेशी रूप से डिजाइन, निर्माण और एकीकृत करने के लिए बेहतरीन क्षमता रखने वाले देशों के एक चुनिंदा समूह में शामिल हो गया है. भारतीए नेवी ने इस एअरक्राफ्ट कैरियर के बारे में बताते हुऐ अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर लिखा है की,"#1971 के युद्ध में जीत में अपने शानदार पूर्ववर्ती की महत्वपूर्ण भूमिका के 50वें वर्ष में, भारत के लिए गर्व और ऐतिहासिक दिन के रूप में पुनर्जन्म हुआ #विक्रांत आज अपने पहले समुद्री परीक्षणों के लिए रवाना हुआ. यह भारत में डिजाइन और निर्मित होने वाला अब तक का सबसे बड़ा और सबसे जटिल युद्ध पोत है.

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