Russia-Ukraine War: “ऑपरेशन गंगा” में शामिल हुआ वायुसेना का C-17 ग्लोबमास्टर

Russia-Ukraine War: “ऑपरेशन गंगा” में शामिल हुआ वायुसेना का C-17 ग्लोबमास्टर

Russia और Ukraine के बीच हो रहे युद्ध के चलते, भारतीय नागरिकों को भी इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है. दूसरी ओर भारत सरकार, इन नागरिकों की वापसी के लिए भरसक प्रयास कर रही हैं. फिलहाल सरकार द्वारा नागरिकों की निकासी के लिए, “ऑपरेशन गंगा” चलाया जा रहा है. वहीं अब भारत सरकार द्वारा Russia-Ukraine में चल रहे इस मिशन को तेज करते हुए, इसमें वायु सेना को भी शामिल कर दिया है.

दरअसल, भारतीय वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर ने आज सवेरे 4 बजे, गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से रोमानिया के लिए उड़ान भरी है. बताया जा रहा है, कि ये विमान 4900 किलोमीटर की दूरी तय करके, लगभग साढ़े पांच घंटे बाद रोमानिया पहुंचेगा. वहीं छात्रों को खाने पीने की दिक्कत ना हो, इस कारण विमान में खाने-पीने की भी उचित व्यवस्था की गई है.

क्या है C-17 ग्लोबमास्टर

वैसे तो, वायु सेना के C-17 ग्लोबमास्टर को मालवाहक वाहन कहा जाता है, लेकिन यह एक समय में 300-400 लोगों को रेस्क्यू कर सकता हैं. साल 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबानों के कब्ज़े के दौरान भी, अमेरिका ने 823 लोगों को C-17 ग्लोबमास्टर विमान से रेस्क्यू किया था. ये विमान कारगिल, लद्दाख और उत्तरी पूर्वी सीमाओं जैसी कठिन जगह उतर सकता है. इसके साथ ही, इस पर छोटे हथियार और राइफल की फायरिंग का भी कोई असर नहीं होता है.

आपको बता दें, कि भारत सरकार ने C-17 ग्लोबमास्टर के इस्तेमाल का फैसला इसलिए लिया, जिससे Russia-Ukraine युद्ध के अंतर्गत फंसे भारतीय नागरिक वापस आ सकें.

Russia Ukraine के बीच छिड़ी जंग में फंसे भारतीय नागरिक

गौरतलब है, कि Russia-Ukraine के बीच दिन-प्रतिदिन तेज हो रही जंग के चलते, रोमानिया बॉर्डर पर तकरीबन पांच हजार से ज्यादा भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं. ये सभी नागरिक भारत लौटने के इंतज़ार में हैं. वहां फंसे छात्रों के अनुसार, बॉर्डर पर जो रेस्टोरेंट हैं, वह बंद कर दिए गए हैं. इस वक़्त, वहां न तो सोने के इंतजाम हैं और न ही खाने-पीने के. वहीं बर्फबारी और ठंड की वजह से कई छात्रों की हालत खराब हो गई है, ऐसे में C-17 ग्लोबमास्टर उन्हें थोड़ी राहत दिला सकता है.

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