Rail Roko Andolan: 6 घंटे लंबे आंदोलन का असर, कहीं लेट तो कहीं कैंसिल हुईं ट्रेनें

Rail Roko Andolan: 6 घंटे लंबे आंदोलन का असर, कहीं लेट तो कहीं कैंसिल हुईं ट्रेनें

कल संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा चलाया गया छह घंटे लंबा Rail Roko Andolan, सोमवार सुबह 10 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे खत्म हुआ. इस आंदोलन का उद्देश्य, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में कैबिनेट से हटाने की मांग है. 

Rail Roko Andolan का देश पर असर

सोमवार को Rail Roko Andolan के तहत, संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदर्शनकारी किसानो ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर रेल पटरियों और प्लेटफार्मों पर बैठकर धरना दिया. हरियाणा से मिली खबर के अनुसार, शहर के रेलवे स्टेशनों पर कम से कम 18 ट्रेनें फंसी हुई हैं, जबकि चार को रद्द करना पड़ा है.

लुधियाना में चल रहे Rail Roko Andolan के कारण, ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ज्वाइंट सीपी दीपक पारीक ने बताया, "हमने यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए पर्याप्त बल तैनात किये हैं." जानकारी के लिए बता दें, कि पंजाब और हरियाणा में किसान आंदोलन से लगभग 50 ट्रेनें और 130 स्थान प्रभावित हुए हैं.

प्रदर्शनकारियों ने साहनेवाल और राजपुरा के पास, रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया था, जिसके बाद नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस को सुबह करीब 10:07 बजे, शंभू स्टेशन के पास रोका दिया गया.

किसान संघों द्वारा किया गया यह छह घंटे लंबा, Rail Roko Andolan समाप्त हो गया है. अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धवले ने, इस आंदोलन को 'सफल' बताया. उन्होंने कहा, "लखीमपुर खीरी की घटना को 15 दिन हो चुके हैं. यह जान कर मुझे हैरानी होती है, कि आज़ादी के 75 साल पूरे होने के बावजूद देश ने ऐसी घटनाएं हो रही हैं."

क्या थे प्रशासन के इंतज़ाम

किसानों द्वारा चलाए गए Rail Roko Andolan को लेकर, प्रशासन द्वारा कड़ा रुख अपनाया गया. कई जगहों पर किसानों को गिरफ्तार भी किया गया, तो कई जगहों पर पुलिस और CRPF के जवानों को तैनात किया गया था. लेकिन अब तक पूरे भारत में कहीं भी किसानों द्वारा किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या हिंसा की कोई भी खबर सामने नहीं आई है.

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