Gujarat: बारिश के कहर से डूब गए हाइवे और मकान

Gujarat: बारिश के कहर से डूब गए हाइवे और मकान

Gujarat में सितंबर महीने की भारी बारिश ने बाढ़ के हालात उत्पन्न कर दिए हैं. बाढ़ का ऐसा कहर ढहा है, कि 60 हाइवे सहित सैकड़ों सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिसके कारण आवागमन भी प्रभावित हो गया है. वहीं, मौसम विभाग ने जूनागढ़, राजकोट, वलसाड, वडोदरा, भावनगर, सूरत, अमरेली सहित कई जगहों पर तीन दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. देवभूमि द्वारका, जामनगर और मोरबी में 17 सितंबर से 18 सितंबर तक अति वर्षा की संभावना जताई गयी है. 

गुजरात में बारिश से राजकोट शहर का जनजीवन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. Gujarat के नए मुख्यमंत्री, Bhupendra Patel भी मौसम खराब होने की वजह से सड़क द्वारा राजकोट पहुंच पाए. मुख्यमंत्री पटेल ने बाढ़ पीड़ित लोगों से मुलाकात की और जल्द ही प्रभावित लोगों को मुआवज़ा दिलाने और नुकसान ग्रस्त इलाकों को ठीक करवाने का आश्वासन दिया. वहीं, Gujarat के सौराष्ट्र इलाक़े में बारिश का दौर अभी भी जारी है. बारिश ने ऐसा कहर ढहा है, कि घर-मकान भी डूब गए. मौसम विभाग ने सौराष्ट्र में अलर्ट जारी कर राहत कार्य शुरू कर दिया है. 

सिंचाई विभाग के मुताबिक, Gujarat के सबसे बड़े बांध, सरदार सरोवर बांध में पानी की अच्छी आवक हो रही है. बांध में फिलहाल 1,76,558 एमसीएफटी पानी भर चुका है, जो कुल संग्रह का 52.85 प्रतिशत है. वहीं, 206 जलाशयों में बारिश से 3,98,753 एमसीएफटी पानी की आवक हुई है. 

गुजरात के साथ साथ उत्तराखंड भी भारी बारिश और बाढ़ से ग्रस्त है. सितंबर की बारिश में भूस्खलन की घटनायें भी तेज हो गई हैं. भूस्खलन से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 58 को बंद कर दिया गया है, और रास्ते पर पड़ा मलबा हटाने का कार्य भी जारी है. उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में पिछले 4-5 दिनों से बारिश का दौर लगातार जारी है. बारिश से केदारनाथ और बद्रीनाथ के हाईवे पर जगह जगह चट्टानें टूट कर गिर रही हैं.  

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