Farm Laws Repeal: आख़िर क्यों लिया सरकार ने कानून वापस लेने का बड़ा फ़ैसला, यहां जानें वजह

Farm Laws Repeal: आख़िर क्यों लिया सरकार ने कानून वापस लेने का बड़ा फ़ैसला,  यहां जानें वजह

कल 19 नवंबर को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Farm Laws की वापसी का ऐलान करते ही पूरे देशवासियों को चौंका दिया था. 14 महीनों से अपने फैसले पर अडिग केंद्र सरकार के इस फैसले से हर कोई हैरान है. जहां एक ओर किसान आंदोलन के जरिए इन कानूनों की वापसी की मांग कर रहे थे, वहीं केंद्र सरकार ने भी अपना सख्त रवैया अपनाया हुआ था. 10 बैठकों की वार्ता के बाद भी, केंद्र और किसान कोई समाधान नहीं निकाल पाए थे. 

वहीं, अब सवाल यह उठ रहा है, कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और शीर्ष नेतृत्व ने अचानक से यह फैसला ले लिया. हालांकि, इस फैसले के पीछे कई वज़ह भी बताई जा रही हैं. कोई इसे राजनीतिक फायदे के लिए, तो कुछ दबाव में आकर लिया गया फैसला बता रहे हैं. 

आइए जानते हैं Farm Laws रद्द होने की वज़हें

1. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 

प्रधानमंत्री द्वारा Farm Laws वापसी की मुख्य वज़ह कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को माना जा रहा है. गौरतलब है, कि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं. दरअसल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तकरीबन 100 से अधिक सीटों पर किसान आंदोलन का सबसे ज्यादा प्रभाव है. इनमें मुजफ्फरनगर, बदायूं, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर और बागपत जैसे क्षेत्र शामिल हैं. 

वहीं, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक दल इस नुकसान को और बढ़ाने की ताक में थे. इनकी बैठकों में हजारों की तादाद में लोग शामिल हो रहे हैं, जिनमें किसान वर्ग के लोग भी शामिल हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि फैसले से पहले यह भी कहा का जा रहा था, कि अगर Narendra Modi फैसला वापस लेते हैं, तो यह उनकी छवि पर असर करेगा. हालांकि, इस बात में कुछ हद तक सच्चाई भी है, हर बात में प्रधानमंत्री का समर्थन करने वाले लोगों ने भी अपनी नाराजगी जताई है. 

2. पंजाब में Amarinder Singh के साथ गठबंधन आसान 

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री, Capt. Amarinder Singh पहले ही कह चुके थे, कि "अगर केंद्र सरकार कृषि कानून वापस लेती है, तभी BJP से गठबंधन की संभावना है." वहीं, Farm Laws रद्द होने के बाद Amarinder Singh ने भी BJP के साथ गठबंधन को लेकर अपनी इच्छा व्यक्त की है. BJP के पास मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा नहीं है, अकाली दल भी अपना समर्थन वापस ले चुका है. ऐसे में BJP Amarinder Singh के जरिए पंजाब की सियासत के वापसी करने की उम्मीद लगाए बैठी है. 

3. अंतराष्ट्रीय स्तर पर बिगड़ती छवि

किसान आंदोलन की शुरुआत के बाद से ही दुनिया की कई मशहूर हस्तियों के इसके समर्थन में बयान दिए थे. स्वीडन के पर्यावरण कार्यकर्ता Greta Thenberg और हॉलीवुड पॉप सिंगर Rihana ने भी किसान आंदोलन को समर्थन दिया था. इस सूची में अमेरिका की उपराष्ट्रपति Kamala Harris भी शामिल थीं. इन हस्तियों के बयान के बाद, भारत में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी. दुनिया के कई देशों में भारतीय दूतावास के बाहर Farm Laws के खिलाफ़ प्रदर्शन किए गए थे. 

4. प्रधानमंत्री Narendra Modi की छवि 

प्रधानमंत्री Narendra Modi के सत्ता में आने के बाद से ही बड़े-बड़े आंदोलन का दौर शुरू हो गया था. चाहे दिल्ली के जेएनयू परिसर में कथित तौर पर देश विरोधी नारों का मामला हो या CAA-NRC का मामला. देशभर में इनको लेकर जमकर हंगामा हुआ. इस कारण लोगों में  प्रधानमंत्री के खिलाफ़ नाराजगी बनी हुई थी. वहीं, कई विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बनाते हुए उनकी छवि को जन विरोधी छवि करार दिया था. 

CAA- NRC वापसी की मांग उठी 

प्रधानमंत्री द्वारा Farm Laws की वापसी के बाद अब CAA-NRC भी वापस लेने की मांग करने लगे हैं. जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष Syed Sadatullah Hussaini ने कहा, कि "हम प्रधानमंत्री से अब लोगों के खिलाफ़ लाए गए CAA और NRC जैसे कानूनों को वापस लेने की गुज़ारिश करते हैं. हमें खुशी है, कि प्रधानमंत्री ने किसानों की मांगों को सुना है. इसे पहले ही हो जाना चाहिए था."

वहीं, AIMIM के प्रमुख, Asaduddin Owaisi ने भी Farm Laws की वापसी के बाद कहा, कि "यह किसान आंदोलन और किसानों की जीत है. वह दिन भी दूर नहीं है, जब Modi सरकार CAA का कानून भी वापस लेगी."

Related Stories

No stories found.
हिंदुस्तान रीड्स
www.hindustanreads.com