CAA Bill News: केंद्र सरकार को नागरिकता अधिनियम के लिए मिला छठा विस्तार

CAA Bill News: केंद्र सरकार को नागरिकता अधिनियम के लिए मिला छठा विस्तार

गृह मंत्रालय ने आज छठी बार विवादों से घिरे हुए कानून, CAA के नियमों में संशोधन करने के लिए संसद से विस्तार प्राप्त किया है.

गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस बात की पुष्टि हो गई है कि CAA नियमों को फ्रेम करने का विस्तार संसदीय समितियों द्वारा दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा की "अभी तक एक लिखित आदेश की कॉपी का इंतजार है, लेकिन यह सूचित किया गया है कि दोनों संसदीय समितियों द्वारा विस्तार की अनुमति है".

Narendra Modi सरकार का CAA लागू करने का उद्देश्य पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से सताए गए अल्पसंख्यकों जैसे हिंदुओं, सिखों, जैनियों, बौद्धों, पारसियों और ईसाइयों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है. केंद्र सरकार ने बिल को वर्ष 2019 में प्रस्तावित किया था. लेकिन वर्ष 2020 में इस कानून को Covid-19 की वजह से लागू नहीं किया गया था.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि इसमें भी केवल उन्हीं लोगों को नागरिकता प्रदान की जाएगी जो, 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आए थे. सरकार का कहना है, इन लोगों को अवैध अप्रवासी नहीं माना जाएगा और उनको भारत की नागरिकता दे दी जाएगी. लेकीन कानून के लागू होते ही भारत में काफी तनाव का माहौल बन गया. कुछ गुटों ने काफी दिनों तक आंदोलन भी किया . इसी वजह से CAA कानून का मामला लंबित हो गया.

CAA के लागू होने के छह महीने के भीतर भी नियम नहीं बन सका. केंद्र सरकार पहले ही इस बात की स्पष्टता दे चुकी है कि CAA Bill के तहत लोगों को भारतीय नागरिकता, कानून के तहत नियम बन जाने के बाद ही दी जाएगी. कानून की व्याख्या गृह मंत्री Amit Shah द्वारा बार-बार किए गए दावे के साथ की गई है. इस कानून के विरोधी गुटों ने मुसलमानों को उनके अधिकार से वंचित रखने की बात पर ही देश में तनाव का माहौल बना दिया है.

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