Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: महान व्यक्तित्व के धनी थे पूर्व प्रधानमंत्री, आज पूरा देश दे रहा है श्रद्धांजलि

Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: महान व्यक्तित्व के धनी थे पूर्व प्रधानमंत्री, आज पूरा देश दे रहा है श्रद्धांजलि

भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह कहे जाने वाले Atal Bihari Vajpayee की आज तीसरी पुण्यतिथि है. तीन साल पहले आज ही के दिन दिल्ली के AIIMS में उन्होंने अपनी आखिरी सांसे ली थी. भारत के यह पूर्व प्रधानमंत्री एक कुशल राजनीतिज्ञ तो थे ही, साथ ही इन्हें भाषाविद, कवि और पत्रकार के रूप में भी जाना जाता था. Atal Bihari Vajpayee भारत की राजनीति के इतिहास के उन चंद नेताओं में से एक हैं, जिन्हें हर दल के लोग पसंद करते थे.

देश के पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee का जन्म 25 दिसंबर, 1924 में ग्वालियर, मध्य प्रदेश में हुआ. अपने छात्र जीवन में ही उन्होंने RSS की पत्रिका में एक संपादक के रूप में काम करना शुरू किया था. वह भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वालों में से एक थे. अपने राजनीतिक जीवन में Vajpayee कुल 9 बार लोकसभा के सदस्य और साल 1996 से 2004 की अवधि में 3 बार देश के प्रधानमंत्री रहे. वह बतौर प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा करने वाले इकलौते गैर कांग्रेसी नेता भी हैं. 16 मई, 1996 में वे पहली बार 13 दिन की अवधि के लिए भारत के प्रधानमंत्री बने. दूसरी बार साल 19 मार्च, 1998 को उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. आखिरी बार उन्होंने 13 अक्टूबर, 1999 को उन्होंने प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला.

यहां जानिए Atal Bihari Vajpayee के राजनीतिक जीवन की कुछ विशेष उपलब्धियां

1. भारतीय परमाणु परीक्षण : Atal Bihari Vajpayee की सरकार ने साल 1998 में Pokhran में पांच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट कर पूरे विश्व को चौंका दिया. इसके साथ ही भारत परमाणु शक्ति संपन्न देश भी बन गया. इस कदम से भारत विश्व के मानचित्र पर एक मज़बूत वैश्विक शक्ति के रूप में उभर कर आया.

2. पाकिस्तान के साथ संबंधों में सुधार हेतु पहल : प्रधानमंत्री रहते हुए Atal Bihari Vajpayee ने 19 फरवरी, 1999 में 'Sada-E-Sarhad' नाम से दिल्ली से लाहौर तक एक बस सेवा की शुरुआत की. सिर्फ यही नहीं इस बस सेवा के प्रथम यात्री बन उन्होंने पाकिस्तान की यात्रा कर Nawaz Sharif से भी मुलाकात की.

3. करगिल युद्ध : अंतराष्ट्रीय सलाह के अनुसार पाकिस्तान की सीमा का उल्लंघन न करते हुए ठोस कार्यवाही कर भारतीय क्षेत्र को मुक्त करवाना भी Vajpayee सरकार की ही पहल थी. हालांकि इस युद्ध में भारतीय सेना को जान-माल का बहुत नुकसान हुआ, लेकिन पाकिस्तानी सेना को भी मुंह की खानी पड़ी.

इन सब कदमों के अलावा भी अपने पूरे राजनीतिक जीवन में Atal Bihari Vajpayee ने देश की प्रगति हेतु बहुत सारे विभिन्न कदम उठाए. इनमें बड़े शहरों को राजमार्गों से जोड़ना, कावेरी जल विवाद को सुलझाना, हवाई अड्डों का विकास इत्यादि शामिल हैं. एक सफल राजनीतिक हस्ती के साथ ही Atal Bihari Vajpayee अपनी काव्य प्रतिभा के लिए भी मशहूर थे. 'मेरी इक्यावन कविताएं' उनका प्रसिद्ध काव्यसंग्रह है. विख्यात ग़ज़ल गायक Jagjit Singh ने उनकी चुनिंदा कविताओं को संगीतबद्ध कर एक एल्बम निकाला था.

Atal Bihari Vajpayee की तीसरी पुण्यतिथि पर आज पूरा देश उन्हें याद कर रहा है. प्रधानमंत्री Narendra Modi, राष्ट्रपति Ram Nath Kovind, लोकसभा के सभापति Om Birla और उप राष्ट्रपति Venkaiah Naidu ने  'सदैव अटल' स्मारक पर जा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. वहीं देशवासी भी ट्वीट कर इस महान व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं. Narendra Modi ने ट्वीट कर लिखा, "आज हम इस महान व्यक्तिशाली, बेहद प्यारे स्वभाव वाले राजनेता को याद कर रहे हैं, जिन्होंने देश की प्रगति में अविस्मरणीय योगदान किया है."

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