Ramesh Pokhriyal: बच्चों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करने के लिए लॉन्च की NIPUN भारत योजना

Ramesh Pokhriyal: बच्चों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करने के लिए लॉन्च की NIPUN भारत योजना
NEW DELHI, INDIA - MAY 11: Uttarakhand former Chief Minister and Lok Sabha MP Ramesh Pokhriyal "Nishank" talking to media person after the Parliament Session at Parliament House, on May 11, 2016 in New Delhi, India. Cutting across party lines, Lok Sabha members on Wednesday demanded that common entrance test for medical admissions be conducted in regional languages, expressing their unhappiness over the Supreme Court’s order for a single test from this year itself. (Photo by Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images)

केंद्रीय शिक्षा मंत्री, Ramesh Pokhriyal ने 5 जुलाई 2021 को देश में NIPUN (National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy) भारत योजना की शुरुआत की है. यह योजना, समग्र शिक्षा अभियान का ही एक अंग है. इस योजना का लक्ष्य है, कि देश में हर बच्चा अनिवार्य रूप से ग्रेड 3 के अंत तक मूलभूत शिक्षा प्राप्त कर सके.

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुसार, NIPUN भारत के अंतर्गत विद्यार्थी अंक गणित को अच्छे से समझ kr4पढ़ेंगे. इससे वे समझे हुए ज्ञान को रोजमर्रा के जीवन में भी इस्तेमाल कर सकेंगे.

Ramesh Pokhriyal का बयान,"बच्चों की जरूरतों को पूरा करना है उद्देश्य"

Ramesh Pokhriyal ने बताया, कि "NIPUN भारत योजना का उद्देश्य 3 से 9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की सीखने की जरूरतों को पूरा करना है. शिक्षकों को बुनियादी भाषा, साक्षरता, और संख्यात्मक कौशल विकसित करने के लिए प्रत्येक बच्चे पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है. यह उन्हें बेहतर पाठकों और लेखकों के रूप में विकसित करने में मदद करेगा. 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में यह निर्धारित किया गया है, कि सभी बच्चों के लिए मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्राप्त करना तत्काल राष्ट्रीय मिशन बनना चाहिए. इसे विशेषज्ञों के साथ गहन परामर्श की एक श्रृंखला के माध्यम से NIPUN योजना के तहत एक व्यापक दिशानिर्देश के रूप में विकसित किया गया है".

अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी थे क्रायकर्म का हिस्सा

इस केंद्र प्रायोजित योजना के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय-राज्य-जिला-ब्लॉक-स्कूल स्तर पर एक पांच स्तरीय कार्यकारिणी के मुताबिक स्थापित किया जाएगा. इस  लॉन्च के वर्चुअल कार्यक्रम में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया था.  

क्यों पड़ी योजना को बनाने की जरूरत?

भारतीय स्कूलों में मूलभूत शिक्षा की अच्छी समझ शुरुआत से ही एक खामी रही है. शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (एसर) के निष्कर्षों के अनुसार, कई वर्षों से स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने वाले अधिकांश भारतीय छात्र, बुनियादी अंकगणित को पढ़, समझ या हल नहीं कर सकते हैं. 

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