Charanjit Singh Channi: ‘Me Too’ मामले के विवादों में रह चुके हैं नए मुख्यमंत्री

Charanjit Singh Channi: ‘Me Too’ मामले के विवादों में रह चुके हैं नए मुख्यमंत्री
Indian Punjab Technical Education and Industrial Training Minister Charanjit Singh Channi (C) Medical Education and Research Minister Om Parkash Soni (R) and Cooperation and Jails Minister Sukhjinder Singh Randhawa (L) speak to the media after attending a meeting with the Jathedar (head priest) of the Akal Takht (seat of authority for Sikhs), Giani Harpreet Singh, at the Golden Temple complex in Amritsar on June 29, 2019. (Photo by NARINDER NANU / AFP) (Photo credit should read NARINDER NANU/AFP via Getty Images)

Charanjit Singh Channi ने आज पंजाब के नए, और पहले दलित मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. रविवार को Capt. Amarinder Singh के इस्तीफ़े के बाद कांग्रेस पार्टी हाईकमान ने, Charanjit Singh का नाम नए मुख्यमंत्री के तौर पर पेश किया था. मुख्यमंत्री के तौर पर उनके नाम की घोषणा के बाद उनसे जुड़े कई चर्चित विवाद भी सामने आए हैं. Channi और विवाद, परस्पर एक दूसरे के साथी रहे हैं. नए मुख्यमंत्री पर एक महिला आईएएस अफ़सर को अनुचित मैसेज भेजने पर 'Me Too' का आरोप भी लगाया गया था. उनके मुख्यमंत्री बनते ही विपक्षी दल के नेताओं ने उन पर लगे आरोपों को एक बार फिर सबके सामने पेश कर दिया है. 

क्यों लगा था Charanjit Singh Channi पर 'Me Too' का आरोप

पंजाब के नए मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi पर, साल 2018 में एक महिला आईएएस अफ़सर को अनुचित मैसेज भेजने का आरोप लगाया गया था. Channi उस समय Capt. Amarinder Singh की सरकार में मंत्री थे.  Capt. Amrinder ने Charanjit Singh Channi को महिला आईएएस अफ़सर से माफ़ी मांगने को कहा था, जिसके बाद कैप्टन ने अपने एक बयान में कहा था, कि महिला आईएएस अफ़सर की संतुष्टि के साथ ही इस मामले का समाधान हो गया है. 

हालांकि, इस वर्ष मई में पंजाब महिला आयोग की धमकी के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आया. पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष, मनीषा गुलाटी ने सख्त लहजे में कहा, कि अगर पंजाब सरकार एक हफ़्ते के भीतर Channi द्वारा अनुचित संदेश भेजने के मामले में अपना रुख स्पष्ट नहीं कर पाती, तो वे अनशन पर चली जाएंगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा, कि उस महिला अधिकारी का पंजाब के बाहर स्थानांतरण हो गया है. आईएएस अधिकारी मुझ पर करवाई करने का दबाव बना रहे हैं, इस मामले को लेकर मैंने सरकार को एक नोटिस भी भेजा है. 

विपक्ष ने उठाया मुद्दा

भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के अध्यक्ष, Amit Malviya ने इस साल मई में प्रकाशित एक खबर का हवाला देते हुए कहा, कि "कांग्रेस ने एक ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना है, जिस पर 3 साल पहले 'Me Too' का आरोप लगा है. उन्होंने 2018 में एक महिला आईएएस अधिकारी को अनुचित संदेश भेजे थे. इस मामले को दबा दिया गया था, लेकिन पंजाब महिला आयोग अध्यक्षा के नोटिस के बाद यह मामला फिर से सबके सामने आ गया है. 

Charanjit Singh Channi का और भी कई विवादों में नाम सामने आ चुका है. 

ग्रीन बेल्ट तोड़ सड़क बना दी 

2018 में channi जब Capt. Amarinder सरकार में मंत्री बने, तो ज्योतिष की सलाह पर उन्होंने सरकारी आवास का नक्शा ही बदल दिया. राजनीति में अपनी सफलता के लिए, अंधविश्वास को मानते हुए channi ने चंडीगढ़ के अपने सरकारी आवास का प्रवेश बदलकर पूर्व दिशा की ओर कर दिया था. इसके लिए उन्होंने अपने आवास के पीछे बनी ग्रीन बेल्ट तुड़वाकर सड़क बनावा दी थी. हालांकि, विरोध के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने सड़क हटाकर फिर से ग्रीन बेल्ट बनवा दी. 

क्या होती है ग्रीन बेल्ट

ग्रीन बेल्ट वह भूमि है जो बड़े पैमाने पर अविकसित, जंगली या कृषि भूमि जो हरित कार्य के लिए सुरक्षित रखी जाती है. 

जब Channi ने टॉस उछालकर की नियुक्ति

Charanjit Singh Channi जब तकनीकी शिक्षा में मंत्री थे तो व्याख्याता के दो आवेदक एक ही संस्था में अपनी नियुक्ति चाहते थे. उस वक्त Channi ने सिक्का उछालकर टॉस किया और जिसका टेल आया था, उसे मनचाही नियुक्ति मिल गई. 

पैचवर्क का बयान देकर अपनी ही सरकार की खिल्ली उड़ाई

अकाली-भाजपा की मिलिजुली सरकार के दौरान, Channi पंजाब विधानसभा के विपक्षी नेता थे. उस वक्त पंजाब के उप-मुख्यमंत्री, Sukhbir Badal के सवाल पर Channi ने अपनी सरकार की खिल्ली उड़ाई थी. 

दरअसल, Sukhbir Badal ने Channi से 2002 से 2007 तक कैप्टन सरकार के विकास कार्य पूछे, जिस पर Channi विधानसभा में यह कह बैठे, कि कैप्टन साहब ने पूरे पंजाब में सड़कों का पैचवर्क कार्य करवाया है. 
यह भी पढ़ें: Charanjit Singh Channi: पंजाब में कांग्रेस की नई उम्मीद

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