Central Govt. News: 22 लाख दिव्यांग बच्चों को मिलेगा नियमित स्कूलों में दाखिला

Central Govt. News: 22 लाख दिव्यांग बच्चों को मिलेगा नियमित स्कूलों में दाखिला

Central Govt. ने बुधवार को जानकारी दी की, उच्चतम न्यायालय कि रिबूट की गई समग्र शिक्षा योजना के तहत, 22.5 लाख दिव्यांग बच्चों (CWSN) को नियमित स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा. इन स्कूलों में  अध्यापकों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करते हुए उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए ट्रेंड किया जाएगा.

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान ने रजनीश कुमार पांडे की एक जनहित याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, "अलग-अलग बच्चों के लिए खोले गए विशेष स्कूलों में पर्याप्त संख्या में ट्रेंड अध्यापक मौजूद हैं. फिर भी सर्व शिक्षा योजना के तहत जो बच्चे खुद का प्रबंधन कर सकते हैं उन्हें नियमित स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा ताकि उनका सामान्य बच्चों के साथ आत्मसात हो सके".

हालांकि, रजनीश पांडे के वकील शोएब आलम ने कहा कि Central Govt. और राज्य सरकारें विशेष रूप से CWSN की शिक्षा और विकास को पूरा करने के लिए स्कूलों में उचित मात्रा में ट्रेंड अध्यापक उपलब्ध कराने के अपने वैधानिक कर्तव्य का त्याग नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से CWSN के लिए बने स्कूलों में बुनियादी ढांचा और अध्यापक छात्र अनुपात कई जगहों पर खराब हैं.

पीठ ने दीवान से स्पष्टीकरण मांगा कि, "क्या CWSN को नियमित स्कूलों में प्रवेश देने से विशेष स्कूल बंद हो जाएंगे." दीवान ने कहा कि केवल 40% से कम विकलांगता वाले CWSN को ही नियमित स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इस पर सरकार से निर्देश मांगा जा सकता है.

इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि इस जांच की जरूरत है कि क्या राज्यों द्वारा भरोसा की जाने वाली Central Govt. की योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है, भले ही ये बच्चों के नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 के रूप में बाद के विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 और भारतीय पुनर्वास परिषद अधिनियम, 1992 अधिनियमों के अनुरूप न हों. केंद्र ने अपने नवीनतम हलफनामे में कहा है कि "उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली के मुताबिक़ देश में विशेष आवश्यकता वाले 22.5 लाख बच्चे हैं."

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