Share Market Today: सेंसेक्स का स्तर एकदम से लुढ़का, ज़ोमेटो के शेयर भी मुश्किल में

Share Market Today: सेंसेक्स का स्तर एकदम से लुढ़का, ज़ोमेटो के शेयर भी मुश्किल में

यूँ तो सप्ताह के पहले ही दिन 4 अप्रैल 2022 को सेंसेक्स में धमाकेदार बढ़त देखी गई थी, जहां तेज़ी इतनी थी कि बाज़ार का स्तर 60,000 के भी पार हो गया. मगर आज दूसरे दिन, मंगलवार 5 अप्रैल को शेयर बाज़ार (Share Market) में मामूली सा ही माहौल देखने को मिला है. वैसे तो, शुरुआत में तेज़ी देखी गई थी. मगर फिर, एकदम से ही सेंसेक्स का स्तर लुढ़क गया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि बीएसई आज सुबह 175 अंक की तेज़ी के साथ 60,786.07 के स्तर पर खुला. तो, कल शाम यह 60,611.74 के स्तर पर बंद हुआ था. इसके साथ ही, शुरुआती सौदों में ही सेंसेक्स 100 अंकों से भी अधिक फिसल भी गया. वहीं दूसरी तरफ, एनएसई निफ़्टी 50 भी 18,080.60 के स्तर पर खुला. मगर थोड़ी ही देर बाद, 17,961.10 के स्तर तक गिर गया.

खबर लिखे जाने तक, बीएसई सेंसेक्स 194.62 अंकों या 0.32% से फिसलने के बाद 60,417.12 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं, एनएसई 48.75 अंकों या 0.27% की गिरावट के साथ 18,004.65 के स्तर पर मौजूद था. गौरतलब है, कि आज लगभग 2077 शेयरों में तेज़ी, 831 शेयरों में गिरावट और 109 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

शेयर बाज़ार में टॉप शेयरों का हाल

आपको बता दें, कि कल एचडीएफसी बैंक मर्जर डील की घोषणा के बाद, शेयर बाज़ार में काफ़ी तेज़ी आई थी. वहीं एचडीएफसी के स्टॉक्स भी शानदार तरीके से शेयर बाज़ार में टॉप पर चल रहे थे. मगर, मर्जर डील का यह रंग ज्यादा समय तक चढ़ा नहीं रह सका. चूंकि, बाज़ार ने आज सुबह ही अपने रुख बदल लिये और एचडीएफसी के शेयर में जो तेज़ी बरकरार थी, वो रुक गई. इसी के साथ, एचडीएफसी के शेयर में गिरावट भी देखी गई.

फ़िलहाल शेयर बाज़ार में अडानी पोर्ट्स, एनटीपीसी, ओएनजीसी, टाटा मोटर्स और एम एंड एम के शेयरों का नाम टॉप गेनर में शुमार रहा. तो वहीं एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और अल्ट्राटैच सीमेंट के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई.

जोमेटो के शेयर पर दबाव

गौरतलब है, कि एनआरएआई (NRAI) से मिली शिकायतों पर जोमेटो की रेगुलेटरी जांच होनी है. वहीं इस जाँच के दायरे में आने के बाद अब जोमैटो के शेयर दबाव में हैं. आपको बता दें, कि ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी कंपनी जोमेटो और स्विगी पर भुगतान चक्र में देरी का आरोप लगा है.

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