बचत खाते से निकासी पर क्यों लगायी जाती हैं सीमाएं, जानिए यहाँ

बचत खाते से निकासी पर क्यों लगायी जाती हैं सीमाएं, जानिए यहाँ

आजकल देश में हर किसी के पास अपना बैंक खाता है. वहीं, ज्यादातर सरकारी योजनाओं (Government Schemes) के लाभ भी बैंक खातों के द्वारा ही मिलते हैं. बैंक में खाता खुलवाते वक्त अकाउंट खोलने का फॉर्म दिया जाता है, जिसमें यह जानकारी ली जाती है कि आप बचत / चालू खाता खाता (Saving and Current Account) में कौन-सा खुलवाना चाहते हैं.

सेविंग अकाउंट को आसान भाषा में बचत खाता भी कहा जाता है. यह खाता आम आदमी के लिए बहुत लाभकारी माना गया है. इस खाते के द्वारा आपको पैसों की बचत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. इस खाते में आप थोड़ा-थोड़ा करके पैसे जमा कर सकते हैं. वहीं, जमा की गई राशि पर आपको ब्याज भी मिलता है. करंट अकाउंट (Current Account) को आसान भाषा में चालू खाता भी कहा जाता है. यह खाता ज्यादातर व्यापारियों (Businessman) के लिए बनाया गया है. इस खाते में ज्यादातर लगातार लेन देन चलता ही रहता है और यह खाता रेगुलर ट्रांजेक्शन के लिए अच्छा माना जाता है.

आपको बता दें, कि बचत खाता आम जनता के लिए बनाया गया है. वहीं, करंट अकाउंट व्यापारियों के लिए बनाया गया है. बैंकों द्वारा बचत खाते में जमा राशि पर ब्याज दिया जाता है. दूसरी ओर, चालू खाते में किसी तरह का ब्याज नहीं मिलता है. बचत खाते में एक लिमिट तक ही आप ट्रांजैक्शन (Limited Transaction) कर सकते हैं. लेकिन चालू खाते में ट्रांजेक्शन लिमिट (Transaction Limit) नहीं होती है. आप जितना चाहे उतना ट्रांजेक्शन आसानी से कर सकते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि बचत खाते पर सीमाएं ‘रेगुलेशन डी’ (Regulation D) नियम के तहत लगायी गई हैं. ‘रेगुलेशन डी’ एक संघीय कानून है, जो उपभोक्ताओं को बचत खाते या मुद्रा बाजार खाते से प्रति माह छह से अधिक निकासी करने से रोकता है. यह नियम, बैंकों को आरक्षित आवश्यकताओं को बनाए रखने के लिए बनाया गया है. इस नियम तहत, अगर आप अपने बचत खाते में राशि जमा करते हैं, तो बैंक उस राशि का कुछ ही हिस्सा अपने पास रखता है. बैंक बाकी बची राशि का इस्तेमाल होम लोन (Home Loan), क्रेडिट लाइंस (Credit Lines) और उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले लोन (Consumer Loans) के लिए करता है. जैसे बैंकों का बैंक कहा जाने वाला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) कुछ नियमों के आधार पर अन्य बैंकों को लोन देता है, उसी प्रकार अन्य बैंक भी अपने उपभोक्ताओं को लोन देने के लिए बचत खातों पर सीमाएं लगाते हैं.

अगर आप भी नियमित रूप से पैसा जमा करते हैं या निकालते हैं, तो आप चालू खाते का विकल्प चुन सकते हैं. लेकिन इसमें ध्यान देने योग्य यह बात है, कि आपको आपकी जमा राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा.

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