बढ़ती महंगाई के मद्देनजर आरबीआई ने बदला महंगाई दर का अनुमान

बढ़ती महंगाई के मद्देनजर आरबीआई ने बदला महंगाई दर का अनुमान

बुधवार 8 जून 2022 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर, शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के फैसलों की घोषणा की है. ऐसे में केंद्रीय बैंक ने, एक अनिर्धारित पॉलिसी रिव्यू में रेपो रेट बढ़ाने का फैसला लिया. आपको बता दें, कि गवर्नर ने बताया कि बेंचमार्क ब्याज दर 4.90% कर दी गई है. वहीं रूस और यूक्रेन में जारी युद्ध से दुनिया भर में मुद्रास्फीति बढ़ रही. ऐसे में लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच, केंद्रीय बैंक के सामने कई चुनौतियां नज़र आ रहीं हैं.

महंगाई दर का बढ़ा अनुमान

भू-राजैनतिक हालातों का हवाला देते हुए आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने, वित वर्ष 2022-23 में अब खुदरा महंगाई दर 6.7% रहने का अनुमान जताया है. वहीं पिछले वित वर्ष 2021-22 में ये अनुमान 4.5% रहा था. गवर्नर ने कहा, कि यूक्रेन में युद्ध जारी है और भारत हर रोज, नई चुनौतियों का सामना कर रहा है. वहीं उन्होंने ये भी कहा, कि युद्ध ने महंगाई को काफ़ी बढ़ा दिया है. गौरतलब है, कि अप्रैल महीने में मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान करते हुए आरबीआई ने पहले 5.7% महंगाई दर रहने का अनुमान जताया था.

दरअसल अप्रैल 2022 में खुदरा महंगाई दर 7.79% रहा, जो 8 सालों का उच्चतम स्तर है और जिसके चलते आरबीआई को महंगाई दर के अनुमान को फिर से बढ़ाना पड़ा. गर्वनर शक्तिकांत दास ने कहा, कि आरबीआई मॉनिटरी पॉलिसी के ज़रिए महंगाई पर लगाम कसने की कोशिश करेगी. यानी ग्रोथ के मुकाबले अब महंगाई को कम करने पर प्राथमिकता दी जाएगी.

कोरोना महामारी के बावजूद भी अगर भारतीय अर्थव्यवस्था ने तेजी से रिकवरी की है, तो उसकी बड़ी वजह सस्ता कर्ज है. इसी के चलते देश में घरों की मांग से लेकर, ज़रूरी वस्तुएं और कार की मांग में भी बढ़ोतरी हुई, जिसका सीधा फ़ायदा अर्थव्यवस्था पर पड़ा.

क्या कर्ज होगा महंगा?

रेपो रेट (Repo Rate) बढ़ने का सीधा असर लोन ग्राहकों पर पड़ेगा, जिससे अब होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन, आदि और महंगे हो जाएंगे. आपको बता दें, कि 22 मई 2020 के बाद 4 मई को केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट बढ़ाई थी. वहीं अब आज इसमें दोबारा इजाफा किया गया, जिससे लोन ग्राहकों को झटका लगा है. आपको बता दें, कि जिस रेट पर कमर्शियल बैंक आरबीआई से उधार लेते हैं, उसे रेपो रेट कहा जाता है.

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