RBI News: अब रविवार को भी मिलेगी बैंकिंग सुविधा, जानें नई मॉनेटरी पॉलिसी में क्या हुए बदलाव

RBI News: अब रविवार को भी मिलेगी बैंकिंग सुविधा, जानें नई मॉनेटरी पॉलिसी में क्या हुए बदलाव

जहाँ एक तरफ, अप्रैल महीने से नया वित्तीय वर्ष 2023 शुरू हुआ है. तो दूसरी तरफ, भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने भी कई चीज़ों में नए बदलाव कर दिए हैं. गौरतलब है, कि कल बृहस्पतिवार को ही, RBI ने ग्राहक सुविधा को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल बैंक्स के लिए नए गाइडलाइन्स जारी किए हैं. वहीं, आज RBI की मीटिंग के बाद, नई मॉनेटरी पॉलिसी की रिपोर्ट भी जारी हो गई है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि RBI ने कल ही कमर्शियल बैंकों के लिए कुछ गाइडलाइन्स जारी की हैं. इन गाइडलाइन्स के मुताबिक, "सभी मौजूदा बैंक 24 घंटे जनता के लिए खुद से और सहायता प्राप्त मोड में भी, प्रोडक्ट्स और सेवाओं की पेशकश करने के लिए डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स खोल सकते हैं.

डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स में दिए जाने वाले उत्पादों और सेवाओं में खाता खोलना, कैश निकालना और जमा करना, केवाईसी अपडेशन और लोनस के साथ-साथ शिकायतों की रजिस्ट्रेशन भी शामिल है. "RBI ने यह भी बताया, कि "केंद्रीय बजट में सरकार ने देश की आज़ादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव' के रूप में 75 जिलों में कम से कम 75 ऐसी डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स स्थापित करने का ऐलान किया है".

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के महत्वपूर्ण बदलाव

प्रोजेक्टेड जीडीपी (GDP) ग्रोथ को कम किया

RBI ने अपनी पिछली मीटिंग में तय जीडीपी ग्रोथ प्रतिशत को अब कम कर दिया है. गौरतलब है, कि पहले RBI की मीटिंग में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ तय की गई थी. लेकिन, मौजूदा हालातों को देखते हुए, प्रोजेक्टेड जीडीपी ग्रोथ को घटाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया गया है.

रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं

RBI ने नई मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं किया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि ऐसा लगातार 11वीं बार हुआ है, कि RBI गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली मॉनेटरी पॉलिसी ने रेपो रेट की स्थिति को जारी रखा है. इस तरह से, रेपो रेट अभी भी 4 प्रतिशत ही है. आपको बता दें, कि पैनल ने इस साल भी अपना रुख 'नरमी' वाला ही रखा है.

गौरतलब है, कि मार्च 2020 से ही, RBI ने महामारी से आर्थिक गिरावट की स्थिति में अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए अपनी प्रमुख उधार दर, या रेपो रेट में 115 अंकों की कटौती की है. इसी के साथ, RBI ने आखिरी बार 22 मई, 2020 को अपनी पॉलिसी रेट में कटौती की थी, जब COVID-19 ने अर्थव्यवस्था के लिए एक अभूतपूर्व चुनौती पेश की थी. तब से RBI का रेपो रेट समान ही है. आपको बता दें, कि रेपो रेट पर आरबीआई कमर्शियल बैंक्स को उधार देता है. तो वहीं, रिवर्स रेपो रेट इसका उल्टा है. यानि इस रेट पर RBI बैंकों से उधार लेता है.

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