Ratan Tata Speech on Assam: सादगी ने फिर जीता लोगों का दिल, कही ये बड़ी बात

Ratan Tata Speech on Assam: सादगी ने फिर जीता लोगों का दिल, कही ये बड़ी बात

टाटा समूह (Tata Group) के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा (Ratan Tata) अपने सरल स्वभाव के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं. कुछ ऐसा ही नज़ारा बीते गुरुवार 28 अप्रैल को एक कार्यक्रम के दौरान भी देखने को मिला. आपको बता दें, कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के सामने एक कार्यक्रम में रतन टाटा ने हिंदी में ना बोलने के लिए माफी मांगी है.

दरअसल हुआ यूं, कि रतन टाटा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में सात कैंसर सेंटर (7 Cancer Centre) का उद्घाटन करने पहुंचे थे. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) और रतन टाटा ने कार्यक्रम को संबोधित किया. मगर जब रतन टाटा कार्यक्रम को संबोधित करने उठे, तो उन्होंने पहले ही माफ़ी मांग ली.

रतन टाटा ने कहा, कि वह हिंदी बोलने में असहज हैं, इसलिए अंग्रेजी में बोलेंगे. कार्यक्रम में बोलते हुए टाटा ने कहा, कि “मैं हिंदी में भाषण नहीं दे सकता, इसलिए मैं आप सभी के साथ अंग्रेजी में संवाद करने का प्रयास करूंगा. लेकिन, जो बोलूंगा दिल से निकला हुआ संदेश होगा.” हालांकि, इसके बाद उन्होंने हिंदी भाषा में भी बातचीत की जिसने सभी का दिल जीत लिया. इतना ही नहीं, खुद प्रधानमंत्री मोदी ने भी ताली बजाकर उनके भाषण की प्रशंसा की थी.

मशहूर उद्द्योगपति ने भाषण देते हुए कहा, कि “मैं अपनी जिदंगी के आखिरी साल स्‍वास्‍थ्‍य को समर्पित करता हूं. असम (Assam) को ऐसा राज्‍य बनाएं, जो सबको पहचाने और जिसको सब पहचानें.” आपको बता दें, कि जब रतन टाटा अपनी बात रख रहे थे, तब मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के अलावा असम के मुख्यमंत्री, हिमंता बिस्वा शर्मा (Himanta Biswa Sarma) और पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल (Sarbananda Sonowal) भी मौजूद थे.

रतन टाटा ने अपने भाषण में यह भी कहा, कि ‘‘असम के इतिहास में आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है. कैंसर के उपचार के लिए उच्चतम स्तर की स्वास्थ्य देखभाल सुविधा जो अब तक राज्य में उपलब्ध नहीं थी, वह यहां लाई गई है.’’

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात कैंसर देखभाल केंद्रों का उदघाटन किया. वहीं उन्होंने कार्यक्रम के दौरान, इस तरह के और 7 केंद्रों की आधारशिला भी रखी. इन केंद्रों का विकास राज्य सरकार और टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) के संयुक्त उद्यम, असम कैंसर केयर फाउंडेशन (Assam Cancer Care Foundation) द्वारा किया जा रहा है. इस नेटवर्क के तहत, अन्य 3 अस्पताल भी इस साल के अंत तक खोले जाएंगे. गौरतलब है, कि इस परियोजना की आधारशिला जून 2018 में रखी गई थी.

प्रधानमंत्री ने टाटा ट्रस्ट को दिया धन्यवाद

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा, कि “सिर्फ असम ही नहीं नॉर्थ ईस्ट में भी कैंसर एक बहुत बड़ी समस्या रही है. इससे सबसे अधिक प्रभावित मध्यम वर्ग का परिवार होता है. कैंसर के इलाज के लिए कुछ साल पहले तक यहां के मरीजों को बड़े-बड़े शहरों में जाना पड़ता था. इससे एक बहुत बड़ा आर्थिक बोझ गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ता था. गरीब और मध्यम वर्ग की इस परेशानी को दूर करने के लिए बीते 5-6 सालों से जो कदम यहां उठाए गए हैं, उसके लिए मैं सर्बानंद सोनोवाल जी, हेमंता जी और टाटा ट्रस्ट को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूँ.”

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