Sir M Visvesvaraya Terminal: बेंगलुरु का पहला एयरपोर्ट जैसा रेलवे स्टेशन, जानें किन सुविधाओं से है लैस

Sir M Visvesvaraya Terminal: बेंगलुरु का पहला एयरपोर्ट जैसा रेलवे स्टेशन, जानें किन सुविधाओं से है लैस

आप में से ज्यादातर लोग जब भी एयरपोर्ट जाते होंगे, तो कभी न कभी आपके मन ये विचार आता ही होगा, कि काश हमारे देश के रेलवे स्टेशनों में भी ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हों. क्यों न हमारे देश में भी विदेशों की तरह ही सेंट्रलाइज्ड एयर कंडिशन्ड रेलवे स्टेशंस हों.

अगर आप भी ऐसी सोच रखते हैं, तो आपको बता दें, कि आपके सपनों ने भी सच का रूप लेना शुरू कर दिया है. हर तरह की एडवांस सुविधाओं से लैस, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला रेलवे स्टेशन अब बेंगलुरु में खुल गया है. इस रेलवे स्टेशन का नाम सिविल इंजीनियर, भारत रत्न सर एम विश्वश्वरैया (Sir M Visvesvaraya) के नाम पर रखा गया, जिसका संचालन 6 जून से शुरू हो गया है. सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल (Sir M Visvesvaraya Terminal), भारत का तीसरा ऐसा आधुनिक स्टेशन है. हबीबगंज, मध्य प्रदेश और गांधीनगर गुजरात में भी ऐसे ही 2 आधुनिक स्टेशनों का उद्घाटन हो चुका है.

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस

314 करोड़ रुपए की लागत से बना, सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल का संचालन बिना किसी धूमधाम के शुरू हुआ. हालांकि, इसका औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) बाद में कर सकते हैं. भारत रत्न सर एम विश्वेश्वरैया के नाम पर बेंगलुरु के बैयप्पनहल्ली क्षेत्र में स्थित यह रेलवे टर्मिनल, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एयरपोर्ट जैसी झलक पेश करता है.

देश का पहला सेंट्रलाइज्ड एसी रेलवे टर्मिनल

सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल का निर्माण 4,200 वर्ग मीटर में किया गया है. इस सेंट्रलाइज्ड एयर कंडिशन्ड रेलवे टर्मिनल में दो सब-वे के साथ, एक फुट ओवरब्रिज है, जो सभी प्लेटफार्मों को एक-दूसरे से जोड़ेगा. केवल इतना ही नहीं, यात्रियों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा भी प्लेटफार्मों के साथ जोड़ी जाएगी.

हवाई अड्डे की तरह किया गया है डिजाइन

आपको बता दें, कि सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल को बेंगलुरु हवाई अड्डे की तरह डिजाइन किया गया है. इस टर्मिनल में वेटिंग रूम, जिसमें आपकी सीट के बिलकुल पास ही लैपटॉप या मोबाइल चार्ज करने की जगह दी गयी हुई है, एक डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली के साथ-साथ, एक वीआईपी लाउंज और विशाल फूड कोर्ट भी बनाया गया है. साथ ही, रेस्ट रूम की सुविधा भी अवल दर्जे की बनायी गयी है, जो किसी आम रेलवे स्टेशन से बिल्कुल ही अलग है. इतना ही नहीं, इस टर्मिनल के कोने-कोने पर मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग स्टेशंस बने हुए हैं.

वहीं, यात्रियों को साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए सर एमवी टर्मिनल पर चार लाख लीटर की क्षमता वाला रीसाइक्लिंग यूनिट भी लगा है. इसके साथ ही, प्लेटफार्म पर बैठने और मोबाईल, लैपटॉप चार्ज करने की सुविधा भी दी गई है. इस बात का भी पूरा ख्याल रखा गया है कि यहाँ साफ़ सफाई लगातार बनी रहे और इसलिए आपको हर कोने में कचड़े के डब्बे रखे हुए मिलेंगे और साथ ही सफाई कर्मचारी भी लगातार मेहनत करते हुए नज़र आएंगे.

जहाँ जनरल पब्लिक के लिए एक अलग किस्म का टिकट काउंटर बना, तो वहीं, दिव्यांगों की सुविधा के लिए अलग से टिकट काउंटर भी बनाया गया है. स्टेशन की विशाल पार्किंग में 250 कार, 900 दोपहिया, 50 ऑटो रिक्शा, पांच बीएमटीसी बसें और 20 टैक्सी पार्क की जा सकती हैं.

साउथ वेस्ट रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, लगभग 30 लंबी दूरी की ट्रेनों को सर एम वी टर्मिनल पर स्थानांतरित कर दिया गया है. आपको बता दें, कि रेलवे बोर्ड ने पहले ही 28 लंबी दूरी की ट्रेनों को नए टर्मिनल पर स्थानांतरित करने की मंजूरी दे दी है, लेकिन यह अलग-अलग चरणों में किया जाएगा. वहीं रेलवे मौजूदा ट्रेनों के अलावा, टर्मिनल से कुछ नयी ट्रेनों का भी संचालन करेगी.

रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और सौन्दर्यीकरण

आपको बता दें, कि पिछले कुछ सालों से भारत सरकार रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण पर जोर दे रही है. जिससे रेलवे स्टेशनों पर आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो. वहीं, कुछ सालों से ज्यादातर रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा चुका है.

इनमें महाराष्ट्र का लोनावला स्टेशन और गुजरात का वलसाड स्टेशन शामिल है, जिनका आधुनिकीकरण करके उन्हें और भी खूबसूरत बना दिया गया है. इसके अलावा, शिरडी रेलवे स्टेशन भी यात्रियों को बेहतरीन सुविधा प्रदान कर रहा है.

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